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फिरोजाबाद: करबला-मस्जिद के स्पीकर उतरे, बाकी शोर पर मौन क्यों? पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल

Loudspeakers Removal from Religious Places in UP: फिरोजाबाद पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का दावा करते हुए कई जगहों से तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर हटाने का दावा किया. हालांकि, फिरोजाबाद पुलिस की इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं. पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनका मकसद सुप्रीम कोर्ट और प्रशासनिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के मकसद से की गई है.

 

फिरोजाबाद में लाउडस्पीकर उतारती पुलिस
फिरोजाबाद में लाउडस्पीकर उतारती पुलिस

Firozabad News Today: उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन लगातार ध्वनि प्रदूषण करने वाले लाउडस्पीकर्स पर कार्रवाई कर रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं और उस पर समुदाय विशेष के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर्स उतारने के आरोप लगते रहे हैं. यह आरोप मानवाधिकार संगठन सही ठहराते हुए बहुसंख्यक त्योहारों पर बजने वाले कानफोड़ू लाउडस्पीकर्स और डीजे की तरफ इशारा करते हैं, इस दौरान पुलिस प्रशासन फूल बरसाता हुआ दिखाई पड़ता है. 

पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने का दावा करते हुए फिरोजाबाद जिले में धार्मिक स्थलों पर कथित तौर पर तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर्स पर कार्रवाई की है. पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के तहत कई जगहों से लाउडस्पीकर उतरवाए और कई स्थानों पर आवाज की तीव्रता को कम कराया. फिरोजाबाद पुलिस को स्थानीय लोग दबी जुबान में एकतरफा करार दे रहे हैं.

दरअसल, फिरोजाबाद में शुक्रवार (7 नवंबर) को एसपी सिटी की अगुवाई में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम–2000 के तहत अभियान चलाया गया. इस अभियान में क्षेत्राधिकारी यातायात, थाना दक्षिण के प्रभारी निरीक्षक और पुलिस टीम शामिल रही. टीम ने सबसे पहले करबला मस्जिद और गली नंबर-5 स्थित करबला मस्जिद पर कार्रवाई की. दावा है कि यहां पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहे थे, इसलिए उन्हें हटवा दिया गया. 

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पुलिस का कहना है कि इस अभियान के जरिये यह सुनिश्चित किया गया कि बिना इजाजत या मानक से अधिक आवाज वाले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल न हो. इसके अलावा पुलिस ने जिले के अन्य संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर भी लाउडस्पीकर की साउंड लिमिट चेक की. जिन स्थानों पर आवाज तय मानक से अधिक पाई गई, वहां ध्वनि की तीव्रता को कम कराया गया और यह सुनिश्चित किया गया कि आवाज प्रतिष्ठान की सीमा से बाहर न जाए. 

पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण को कम करने और सुप्रीम कोर्ट व प्रशासनिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के मकसद से की गई है. एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर पुलिस गंभीर है और नियमों का पालन सुनिश्चित कराना पहली तरजीह है. उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा बल्कि आगे भी जारी रहेगा.

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