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Osama Shahab: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब बस कुछ ही समय बचा है. 6 नवंबर को कई जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा. इस बीच, सभी राजनीतिक दलों के नेता चुनावी मैदान में कूद पड़े हैं और मोर्चा संभाल लिया है. इस कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मरहूम सीवान सांसद डॉ. शहाबुद्दीन और रघुनाथपुर सीट से चुनाव लड़ रहे उनके बेटे ओसामा शहाब पर तीखा हमला बोला. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन ने सीवान को लहूलुहान कर दिया था.
उन्होंने कहा, "लालू यादव ने शहाबुद्दीन के बेटे को फिर से रघुनाथपुर से टिकट दिया है. मैं सीवान की जनता को बताने आया हूं कि अब मोदी जी और नीतीश कुमार जी का राज है, चाहे सौ शहाबुद्दीन आ जाएं, किसी का बाल भी बांका नहीं होगा. जंगलराज का अंत नीतीश कुमार जी की देन है. सीएम नीतीश कुमार ने पूरे बिहार को जंगलराज से मुक्त कराया और हम उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं."
दरअसल, बीजेपी बिहार में यह धारणा बना रही है कि ओसामा शहाब किसी बाहुबली के इकलौते बेटे हैं जो चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि, सच्चाई यह है कि बीजेपी और उसकी सहयोगी जदयू ने भी अपनी सीटें बचाने के लिए कई बाहुबली उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यानी बीजेपी जिस छवि को दूसरों पर थोपने की कोशिश कर रही है, वही चेहरा उसके अपने उम्मीदवारों में भी दिख रहा है. तो आज हम आपको बताते हैं कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने किन बाहुबलियों और उनके बेटों को टिकट दिया है. आइए जानते हैं.
बीजेपी से हैं अखिलेश सिंह की पत्नी
बीजेपी ने वारिसलीगंज सीट से मौजूदा विधायक अरुणा देवी को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है. अरुणा देवी कुख्यात बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी हैं. अखिलेश सिंह का महतो गुट से पुराना दुश्मनी भरा इतिहास रहा है. वहीं, राजद से कुमारी अनीता चुनावी मैदान में हैं. इस बार दो बाहुबलियों की पत्नियों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी.
साहेबगंज से राजू कुमार सिंह
बीजेपी ने कुछ ऐसे उम्मीदवार भी मैदान में उतारे हैं जिन पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं, लेकिन उनकी स्थानीय पकड़ बेहद मजबूत है. साहेबगंज से राजू कुमार सिंह, जिन पर 10 से ज़्यादा केस हैं, जबकि तरारी से विशाल प्रशांत और बनियापुर से केदार नाथ सिंह जैसे बाहुबली परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों को टिकट मिला है.
चिराग की पार्टी ने बाहुबली को भी दिया टिकट
वहीं, चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) ने हुलास पांडेय को टिकट दिया है और वह चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं. हुलास पांडेय पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन आरोपों में अवैध हथियार रखने (IPC सेक्शन 386), खतरनाक हथियार से नुकसान पहुंचाना, हत्या की कोशिश, जान से मारने की धमकी देना, आपराधिक साजिश रचना, शांति भंग करना, सरकारी अधिकारी को परेशान करना, वसूली और रंगदारी मांगना शामिल हैं.
जदयू ने भी बाहुलबली को दिया टिकट
जेडीयू ने 'सुशासन' के अपने वादे को त्याग दिया है और ऐसे बाहुबली नेताओं को टिकट दिया है जिनके खिलाफ हत्या और कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस इलेक्शन में अनंत सिंह का मुकाबला वीणा देवी से है, जो उनके पुराने दुश्मन सूरजभान सिंह की पत्नी हैं. यह मुकाबला मोकामा में दो बड़े बाहुबलियों के गुटों के बीच सीधी टक्कर की तरह है. इससे साफ दिख रहा है कि बिहार की राजनीति में बाहुबली उम्मीदवारों की अहमियत अब भी पार्टियों के लिए जीत हासिल करने में सबसे महत्वपूर्ण है.
आनंद मोहन के बेटे भी लड़ रहे हैं चुनाव
साथ ही जदयू ने पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को नवीनगर से टिकट दिया है. इसी तरह, नवादा से बाहुबली राजबल्लभ यादव की पत्नी विo देवी और बेलगछिया से उनके पति के प्रभाव वाली मनोरमा देवी को भी टिकट मिला है. ऐसे कई नाम हैं जो बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.
पत्रकार ने क्या कहा?
बिहार की राजनीति पर पकड़ रखने वाले पत्रकार शम्स अजीज का कहना है कि ओसामा शहाब पर 4 मुकदमे दर्ज हैं. हला मामला सीवान में हुआ, जिसमें रईस खान पर हुए हमले की प्राथमिकी में उनका नाम शामिल है. दूसरा दूसरा मामला मोतिहारी में उनकी बहन की शादी के दौरान मारपीट और गोलीबारी से जुड़ा है. तीसरी एफआईआर सीवान के हुसैनगंज थाने में दर्ज है, जिसमें कहा गया कि ओसामा और सलमान ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी. ओसामा को किसी भी मामले में दोषी नहीं पाया गया है. फिर भी, भाजपा ओसामा के नाम का इस्तेमाल लोगों को डराने के लिए कर रही है. यह इस चुनाव में मुसलमानों के प्रति उसकी नफ़रत और मुसलमानों के तुष्टिकरण को साफ़ दर्शाता है.