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Gaza City Crisis: गाजा में जारी नरसंहार के बीच गाजा सिटी में हालात लागातर बिगड़ते जा रहे हैं. गाजा में पैमाने पर पलायन शुरू हो गया है. स्थानीय अधिकारियों और राहत एजेंसियों के मुताबिक, अब तक लाखों लोग अपने घर छोड़ चुके हैं. अनुमान है कि लगभग 2 लाख से ज्यादा लोग गाजा सिटी से निकल चुके हैं, जबकि करीब दस लाख लोग अभी भी वहां फंसे हैं. ये लोग इजरायली हमलों के डर और चारों तरफ फैली भूख की वजह से निकल नहीं पा रहे हैं.
ताल अल-हवा इलाके के रहने वाले 35 साल के थाएर नामक व्यक्ति ने बताया कि वे अपने परिवार को लेकर शहर के पश्चिमी हिस्से, समुद्र किनारे की तरफ चले गए हैं. उन्होंने कहा कि कई परिवारों के पास निकलने का समय ही नहीं था, क्योंकि इज़रायली टैंक अचानक पहुंच गए. थाएर के मुताबिक, टैंकों की मौजूदगी के कारण लोग अपने घरों में फंसकर रह गए.
गवाहों के मुताबिक, ताल अल-हवा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इजरायली टैंकों के एंट्री से लोग बेहद दहशत में हैं. बताया जा रहा है कि टैंकों ने अल-कुद्स अस्पताल के पास भी मोर्चा संभाल लिया है. यह अस्पताल इलाके का एक अहम स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में घायल और विस्थापित लोग मौजूद हैं. टैंकों के पहुंचने से अस्पताल के आसपास भी लोगों की आवाजाही रुक गई है.
इजरायल ने अगस्त से ही गाजा सिटी को चारों तरफ से घेरना शुरू कर दिया था. उसका कहना है कि वह इस बड़े शहरी केंद्र पर कब्जा करना चाहता है ताकि वहां से हमास के नेटवर्क को खत्म किया जा सके. लेकिन इस सैन्य अभियान के चलते आम नागरिकों की जिंदगी पर भारी असर पड़ रहा है. भोजन, पानी, दवा जैसी बुनियादी जरूरतों की भारी कमी है. राहत एजेंसियां भी लगातार चेतावनी दे रही हैं कि ऐसे हालात में मानवीय संकट और गहरा सकता है.