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Gaza: हत्या का मैदान है गाजा, डेथ लूप में फंसे हैं फिलिस्तीनी; UN का इजराइल पर तल्ख कमेंट

UN on Israel: युनाइटेड नेशन्स ने इजराइल की कड़ी निंदा की है और कहा है कि गाजा के लोग डेथ लूप में फंसे हुए है और यह एक हत्या का मैदान हो गया है. इजराइल के एक्शन को इंटरनेशन कानून का उल्लंघन बताया है.

Gaza: हत्या का मैदान है गाजा, डेथ लूप में फंसे हैं फिलिस्तीनी; UN का इजराइल पर तल्ख कमेंट

UN on Israel: यूएन जनरल सेक्रेटरी ने गाजा पट्टी पर इजरायल की नाकेबंदी की कड़ी निंदा की है और इसे ऐसा काम बताया है, जिसने दहशत की बाढ़ ला दी है. उन्होंने इसे इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन बताया है और इजराइल की कड़ी निंदा की है.

गाजा में पूरे महीने नहीं पहुंचा है कोई सामान

एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में युनाइटेड नेशन्स हेडक्वार्टर में कमेंट करते हुए कहा, "एक महीने से ज़्यादा वक्त बीत चुका है और गाजा में मदद की एक बूंद भी नहीं पहुंची है, न खाना, न ईंधन, न दवा, न कमर्शियल आपूर्ति."  उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि मदद खत्म हो गई है, इसलिए दहशत (floodgates of horror) के दरवाजे से खुल गए हैं. गाजा एक हत्या का मैदान है और नागरिक कभी न खत्म होने वाले डेथ लूप में फंसे हुए हैं. गुटेरेस की टिप्पणियां गाजा में गंभीर मानवीय स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की तरफ से सबसे कड़े मैसेज में से एक हैं.

गाजा में जारी है लगातार हमले

बता दें, गाजा में बुधवार को भी लगातार हमले जारी रहे. गाजा शहर के पूर्व में शेजैया में एक हवाई हमला हुआ, जिसमें आठ महिलाओं और आठ बच्चों सहित कम से कम 23 लोग मारे गए और कम से कम 60 अन्य घायल हो गए. इलाके से मिली फुटेज में रेज़ीडेंशिय इमारत को ढहते हुए दिखाया गया है. इजराइल डिफेंस फोर्स ने कहा कि यह हमास के एक सीनियत आतंकवादी पर हमला था, लेकिन उन्होंने उसका नाम नहीं बताया. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि हमले से लगभग 200 मीटर दूर रहने वाले एक निवासी ने कहा कि विस्फोट के वक्त जमीन पर गिर गया था.

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हमास पर बनाना चाहते हैं प्रेशर

डॉक्टरों का कहना है कि बड़े पैमाने पर दुर्घटनाओं के की वजह से अस्पतालों पर दबाव बढ़ रहा है, दवाई और दूसरी चीजों की जरूरत होने पर अस्पताल को चलाना मुश्किल हो रहा है. बता दें, इजराइल ने 2 मार्च को गाजा में सभी सहायता की एंट्री पर रोक लगा दी थी और कहा था कि जब तक हमास के जरिए बंधक बनाए गए बाकि लोगों को रिहा नहीं कर दिया जाता, तब तक जंग से तबाह इस इलाके में कोई सहायता नहीं पहुंचेगी.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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