UP Crime News: नेपाल बॉर्डर से सटे गोंडा जिले में पुलिस ने लंबे समय से फरार शातिर चोर गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है. पुलिस के इस कार्रवाई की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, अब पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
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Gonda News Today: नेपाल बॉर्डर से सटे से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. जिले की नगर कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे शातिर चोर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी का नाम शेर मोहम्मद है, जिसे पुलिस ने महारानीगंज घोसियाना में स्थित अली मस्जिद के बाहर से दबोच लिया।. गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया है और इसका लाइव वीडियो भी सामने आया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, शेर मोहम्मद कई आपराधिक मामलों में वांछित था. जिसे पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी. जैसे ही पुलिस टीम को उसके बारे में जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंच गई. पुलिस को देखते ही आरोपी शेर मोहम्मद मस्जिद की ओर भागा और खुद को अंदर छिपाने की कोशिश करने लगा. बताया जा रहा है कि वह जूते-चप्पल निकालकर मस्जिद के भीतर घुसने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने गेट पर उसे दबोच लिया.
इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ लोग आरोप लगाते दिख रहे हैं कि पुलिस मस्जिद के अंदर जूते-चप्पल पहनकर गई और आरोपी को अंदर से पकड़कर ले गई. वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर साफ किया है कि आरोपी को मस्जिद के भीतर से नहीं बल्कि गेट पर ही गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस का कहना है कि शेर मोहम्मद नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गया था, लेकिन नमाज शुरू करने से पहले ही उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए वहां शरण लेने की कोशिश की. नगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि शेर मोहम्मद के खिलाफ चोरी और लूटपाट के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था. उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई और किसी धार्मिक स्थल की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई गई. फिलहाल, शेर मोहम्मद को थाने ले जाकर आगे की पूछताछ की जा रही है. पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद सक्रिय चोर गिरोह की कमर टूटेगी और कई पुराने मामलों का खुलासा भी हो सकता है.
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