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Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक शख्स ने एडीएम सिटी के फर्जी आदेश बनाकर बारावफात का जुलूस निकाल दिया. जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पुराने आदेश की कॉपी एडिट कर नया फर्जी आदेश तैयार किया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
30 सितंबर को चक्सा हुसैन नूरी मस्जिद के अहमद रज़ा उर्फ शादाब ने थाना गोरखनाथ में 4 अक्टूबर को बारावफ़ात का जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी. लेकिन उस समय दशहरा और दुर्गा मूर्ति विसर्जन जैसे त्योहारों के कारण पुलिस ने अनुमति देने से मना कर दिया था. इसके बावजूद शादाब ने 4 अक्टूबर को जुलूस निकाल दिया. जब पुलिस को इस बात की जानकारी हुई तो जांच शुरू की गई.
पुलिस ने इस मामले में पूछाताछ की तो शादाब ने एडीएम सिटी का एक आदेश दिखाया, जिसमें 4 अक्टूबर को जुलूस निकालने की अनुमति दी गई बताई गई थी. लेकिन जब पुलिस ने आदेश को ध्यान से जांचा, तो पता चला कि यह आदेश पूरी तरह फर्जी है. असल में यह आदेश 5 सितंबर का था, जिसे एडिट करके 4 अक्टूबर की तारीख डाल दी गई थी.
वास्तविक आदेश केवल 5 सितंबर के जुलूस के लिए एक दिन की अनुमति का था. फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद एडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. आरोपी अहमद रज़ा उर्फ शादाब को धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में जेल भेज दिया गया है.
शादाब की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें वह जेल की सलाखों के पीछे खड़ा हुआ दिख रहा है. लोगों का कहना है कि अगर इस प्रोग्राम के दौरान कुछ अनहोनी हो जाती तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होता. पुलिस फिलहाल शादाब से पूछताछ कर रही है.