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Gyanvapi Hearing Today: वाराणसी जिला न्यायालय शुक्रवार को ज्ञानवापी परिसर से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर फैसला सुना सकता है. यह वही जगह है, जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सर्वे के दौरान कथित तौर पर शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था.
अदालत आज यह तय कर सकती है कि विवादित क्षेत्र को ढकने वाले खराब हो चुके सीलिंग क्लॉथ को बदला जाए या नहीं. सीलिंग क्लॉथ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, ऐसे में अदालत यह फैसला दे सकती है कि क्या सुरक्षा बनाए रखने और आगे के विवादों को रोकने के लिए क्षेत्र को नए कपड़े से फिर से ढका जाए या नहीं.
यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि इससे पहले इस जगह का एएसआई का सर्वे कराया गया था, जिसके बाद इस इलाके को सील कर दिया गया था. अदालत ने निर्देश दिया था कि सील किए गए हिस्से में मौजूद मछलियों को वज़ूखाना (स्नान तालाब) में फिफ्ट की जाएं.
हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा था कि ज्ञानवापी मामला मुकदमा संख्या 18/22 के अंतर्गत आता है. जिला एवं सिविल न्यायालय के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इसका सर्वे कराया था. इस दौरान वज़ूखाना नाम की जगह एक शिवलिंग पाया गया था. मामला संवेदनशील होने के कारण इसे सील कर अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में रखा गया.
उन्होंने आगे कहा वक्त के साथ सीलिंग कपड़ा अब पूरी तरह खराब हो गया है. हमने अदालत से गुजारिश की है कि किसी भी तरह के विवाद या आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए इसे बदला जाए. उम्मीद है कि न्यायालय आज इस पर फैसला देगा.
ज्ञानवापी विवाद कई सालों से अदालतों में लंबित है. 12 सितंबर 2022 को वाराणसी जिला न्यायालय ने विवादित मस्जिद परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की रोजाना पूजा-अर्चना की इजाजत मांगने वाली 5 हिंदू महिलाओं की याचिका पर दायर आपत्तियों को खारिज कर दिया था.
यह विवाद अगस्त 2021 में तब शुरू हुआ, जब पाँच हिंदू महिलाओं ने वाराणसी सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर की. उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अंदर पूजा करने की इजाजत मांगी थी. इसके बाद अदालत के आदेश पर एक सर्वे आयोग का गठन किया गया, जिसने परिसर का वीडियो सर्वे किया गया.