Hafizul Hasan on Shariyat: शरीयत को संविधान से ऊपर बताने वाले अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने अब अपने बयान से यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने कहा है कि वह हमेशा संविधान को पहले रखते हैं.
Trending Photos
)
Hafizul Hasan on Shariyat: शरियत को संविधान से ऊपर बताने वाले राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने अब यू टर्न मार लिया है. काफी किरकिरी के बाद उन्होंने एक बयान जारी किया है. जिसमें वह अपने बयान पर सफाई देते नजर आ रहे हैं.
मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि भारतीय संविधान उनके लिए सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा कि उन्हें बाबा साहेब आंबेडकर से गहरी प्रेरणा मिली है और वो हमेशा समावेशिता और सामाजिक इंसाफ के लिए काम करते रहे हैं.
उन्होंने कहा कि धर्म, जाति, वर्ग या इलाके से ऊपर उठकर उन्होंने जो भी काम किए हैं, वो उनके संविधान के प्रति समर्पण को दिखाते हैं. उनका कहना है कि उनका कोई भी बयान या काम संविधान के खिलाफ कभी नहीं रहा. उन्होंने बताया कि संविधान ही अनुसूचित जातियों, जनजातियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है.
संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और सरकारों को ऐसा माहौल बनाने के लिए कहता है, जिसमें हर कोई अपनी भाषा और धर्म को सुरक्षित रख सके. उन्होंने यह भी कहा कि देश में कुछ नेताओं ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत भरे बयान दिए हैं. किसी ने किसी ने अल्पसंख्यकों देश छोड़ने को कहा, तो किसी ने गोली मारने तक की बात की.
मंत्री ने साफ कहा कि हर किसी को अपने धर्म से प्रेम करने का अधिकार है, लेकिन यह प्रेम कभी भी दूसरे धर्म के लिए नफरत में नहीं बदलना चाहिए. आखिर में उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने काम संविधान के मुताबिक काम करते रहेंगे और वह सभी समुदायों के लिए न्याय, समानता और तरक्की सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।