Hajj 2025 के लिए पहला काफिला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से रवाना हो गया है. इस बार हज के लिए काफी कम लोगों ने आवेदन दिया था, जिसमें से बड़ी मात्रा में लोगों को फॉर्म भी रिजेक्ट हुए थे.
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Hajj 2025: हज 2025 (Hajj 2025) के लिए जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) से पहला हज काफिला (Hajj Pilgrimage) आज श्रीनगर एयरपोर्ट से रवाना हो गया है. इस पहले काफिले में कुल 78 हाजी (Hajis) शामिल हैं, जो मक्का के रूहानी सफर पर रवाना हुए हैं.
इस साल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को कुल 8000 हज कोटा (Hajj Quota 2025) मिला था, लेकिन हैरानी की बात है कि सिर्फ 4200 आवेदन (Hajj Application) ही आए. इनमें से 3624 फॉर्म को मंज़ूरी दी गई. जानकारों का मानना है कि लोगों में हज को लेकर जागरूकता की कमी, आर्थिक कारण और प्रोसेस की जटिलता इसकी अहम वजह हो सकती हैं. इसके साथ ही गर्मी एक अहम कारण मानी जा रही है. क्योंकि इसकी वजह से पिछले साल सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी.
3624 आज़मीनों में से 2000 से ज्यादा महिलाएं (Women Hajj Pilgrims 2025) हैं, जिनमें से 13 महिलाएं बिना महरम (Without Mehram Women Hajj) के हज के सफर पर जा रही हैं. यह पहली बार है जब इतनी बड़ी तादाद में महिलाएं बिना पुरुष साथी के हज पर जा रही हैं. यह बदलाव मुस्लिम महिलाओं के धार्मिक अधिकार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है.
इस बार प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स के ज़रिए जाने वाले आज़मीनों की तादाद में भी गिरावट दर्ज की गई है. यह दर्शाता है कि प्राइवेट सेक्टर को भी इस दिशा में भरोसेमंद और सुलभ प्रक्रिया बनानी होगी. उम्मीद की जा रही है कि अगले साल हज और इसके प्रोसेस के प्रति लोगों में बेदारी लाई जाएगी.
बता दें, इस बार हज करना काफी चैलेंजिंग साबित हो सकता है. क्योंकि मई और जून दोनों ही महीनों में सऊदी अरब में खतरनाक गर्मी पड़ती है. ऐसे में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. पिछले साल सैकड़ों लोगों की गर्मी की वजह से मौतें हुई थीं.