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Gaza News: हमास ने मंगलवार शाम उस शव को सौंप दिया, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह तीन बचे हुए मृत बंधकों में से एक का है. इज़राइल ने बताया कि लाश को पहचान के लिए तेल अवीव के अबू कबीर फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट भेज दिया गया है. अब भी तीन बंधकों के शव उनके परिवारों तक नहीं पहुंचे हैं.
यह डेवलपमेंट उस वक्त हुआ जब फिलिस्तीनी लड़ाकों के ग्रुप ने सोमवार को दावा किया कि उसने सेंट्रल गाज़ा के नुसेरात इलाके के उत्तर से एक और लाश बरामद की है. वहीं मंगलवार दोपहर इज़राइल ने कहा कि लाश सौंपने में 24 घंटे से ज़्यादा देरी एक गंभीर मामला है और यह गाज़ा में लागू सीज़फायर शर्तों का उल्लंघन है. उधर हमास का कहना है कि इजराइल की बमबारी की वजह से लाशों को ढूंढने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
लाश को पहले रेड क्रॉस को सौंपा गया, और फिर गाज़ा के अंदर आईडीएफ के जवानों को दिया गया, जहां एक सैन्य रब्बी की मौजूदगी में छोटा सा प्रोग्राम आयोजित किया गया. इसके बाद ताबूत को गाज़ा से बाहर निकाला गया और पुलिस सुरक्षा में उसे फॉरेंसिक संस्थान ले जाया गया. अधिकारियों के अनुसार, पहचान में दो दिन तक लग सकते हैं.
सीज़फायर समझौते के तहत गाज़ा के लड़ाके ग्रुप पर सभी मरे हुए बंधकों की लाशे लौटाने की ज़िम्मेदारी है. लेकिन उनका कहना है कि वे बाकी लाशों को ढूंढने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं, जिस पर इज़राइल ने सवाल उठाए हैं. हमास शुरुआत से ही कहता आ रहा है कि इजराइल की बमबारी की वजह से लाशें मलबे की नीचे दबी हुई हैं और उन्हें ढूंढने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.