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Hamas Israel War: फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने मंगलवार शाम इज़राइल को जो लाशें सौंपी, वे 7 अक्टूबर 2023 को अगवा किए गए एक इज़राइली सैनिक की थी. इज़राइली सेना ने बुधवार सुबह इस बात की तस्दीक की है. इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने टेलीग्राम पर जानकारी दी कि ये अवशेष 19 साल के अमेरिकी-इज़राइली सैनिक इताई चेन के हैं.
सेना ने बताया कि चेन किब्बुत्ज़ निर ओज़ की लड़ाई में एक टैंक में युद्ध के दौरान शहीद हुए थे. इसके साथ ही सेना ने कहा कि उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि 10 मार्च 2024 को की गई थी. इताई चेन गाज़ा पट्टी में बचे हुए आखिरी ऐसे बंधक थे जिनके पास इज़राइली और अमेरिकी, दोनों की नागरिकता थी.
चेन के अवशेषों को अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) को सौंपा गया, जिसके बाद उन्हें इज़राइल के एक फॉरेंसिक संस्थान में पहचान के लिए भेजा गया. मंगलवार शाम हुए इस हस्तांतरण के बाद भी सात अन्य मरने वाले बंधकों के शवों के गाज़ा में मौजूद होने की संभावना है.
अमेरिका की मध्यस्थता में हुए एक शांति समझौते के तहत, हमास ने 13 अक्टूबर को सभी ज़िंद बंधकों को रिहा कर दिया था. इसके बदले में सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा गया था. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना के अनुसार, हमास को मरने बंधकों के शव भी वापस करने थे. मगर अब तक शवों की वापसी धीमी रही है. इसके पीछे वजह लगातार हमले और शवों के अलग-अलग जगहों पर होना माना जा रहा है.
हमास का कहना है कि लाशों को निकालने में दिक्कत इसलिए हो रही है क्योंकि कई शव उन इमारतों और सुरंगों के मलबे के नीचे दबे हैं जिन्हें इज़राइल ने बमबारी में तबाह कर दिया. लेकिन इज़राइल ने इस दावे को खारिज कर दिया है.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर गाज़ा संघर्ष में फंसे बंधकों और उनके परिवारों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जो अब भी अपने प्रियजनों के अवशेषों की वापसी का इंतज़ार कर रहे हैं.