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Gaza Hostage Exchange: गाज़ा पट्टी से बंधक बनाए गए इजराइलियों में से पहले सात लोगों को रेड क्रॉस ने इसराइली सेना को सौंप दिया है. यह रिहाई गाज़ा के उत्तरी हिस्से में हुई है. इज़राइली मिडिया ने इस बात की पुष्टि की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक जैसे ही यह खबर मिली, तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर पर मौजूद भीड़ खुशी से झूम उठी. इजराइल में काफी वक्त से बंधकों की वापसी के लिए प्रोटेस्ट किया जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन सात बंधकों को छोड़ा गया है, उनमें गली और ज़िव बर्मन, मातन एंग्रेस्ट, अलोन ओहेल, ओमरी मिरन, ईतान मोर और गाय गिलबोआ-डलाल शामिल हैं. हिब्रू मीडिया के अनुसार, इन सभी की दिमाग की जांच की जाएगी.य
सोमवार सुबह इजराइल के कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे. क्योंकि, हमास के जरिए दो साल बाद 20 ज़िंदा बंधकों को रिहा किए जाने की तैयारी की जा रही थी. रिहा किए गए सभी बंधकों को गाज़ा पट्टी से बाहर निकालकर रे'ईम (Re’im) में मौजूद एक मिलिट्री सेंटर ले जाया जाएगा, जहां उनका शारीरिक और मेंटल हेल्थ टेस्ट किया जाएगा और फिर उन्हें उनके परिवारों से मिलवाया जाएगा.
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू का संदेश साझा किया, जो लौट रहे बंधकों के नाम लिखा गया था. संदेश में कहा गया था,"पूरे इसराइली राष्ट्र की ओर से आपका स्वागत है! हम आपका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. हम आपको गले लगाते हैं." ये होस्टेज डील डोनाल्ड ट्रंप के जरिए पेश प्रस्ताव के मुताबिक हुई है. अब इजराइल को बदले में 2 हजार फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा.