Haryana News: हरियाणा के एक मदरसे के प्रभारी महबूब पर कुछ लोगों ने घात लगाकर हमला किया और उन्हें अगवा कर लिया. इस मामले में गिरफ्तार मुल्जिमों ने जिला न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन जिला न्यायालय ने जमानत देने से इंकार कर दिया. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Haryana News: हिरियाणा के नूह में मदरसा पर और मदरसे के प्रभारी पर हमला करने के मामले में जिला न्यायालय ने मुल्जिमों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस बात की जानकारी पीड़ित पक्ष के वकील चौधरी तल्हा ने दी है. उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय ने दोनों पक्षों के वकीलों की बातें और तर्क सुनने के बाद मदरसा पर हमला करने वाले मुल्जिमों को जमानत देने से इंकार कर दिया.
दरअसल, कई हफ्ते पहले कुछ लोगों ने हरियाणा के नूह में एक मदरसा प्रभारी महबूब पर सिर्फ इसलिए हमला कर दिया था क्योंकि उन्हें मदरसे में पढ़ाई के दौरान मुख्य दरवाजा बंद मिला था. मदरसा के प्रभारी पर हमले के बाद यह मामला पुलिस थाने से होते हुए कोर्ट तक पहुंचा. वहीं, प्रभारी पर हमला करने वाले आरोपियों की जमानत के लिए जिला न्यायलय में जमानत याचिका पेश की गई थी. हालांकि जिला न्यायालय ने जमानत देने से इंकार कर दिया है.
इस मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने कहा कि अदालत मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती. अदालत पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. किसी भी दृष्टिकोण से जमानत देने का कोई औचित्य नहीं है, इसलिए यह जमानत याचिका खारिज की जाती है.
पीड़ित मदरसा प्रभारी महबूब ने हमलावरों को यह स्पष्ट किया था कि पढ़ाई के दौरान मुख्य दरवाजा हमेशा बंद रहता है. FIR से पता चलता है कि मुल्जिमों ने दो बार हमला किया था. पहली बार हमला करने के बाद पूरी प्लानिंग के साथ दूसरे हमले को अंजाम दिया गया. FIR के मुताबिक हमलावर हथियारों से लैस होकर गाड़ियों में आए थे और घात लगाकर हमला किया था.
मीडिया से बातचीत करते हुए पीड़ित पक्ष के वकील चौधरी तल्हा ने बताया कि हमलावरों ने मदरसा प्रभारी महबूब को अगवा किया था. इसके अलावा FIR में यह भी दर्ज है कि याचिकाकर्ता समेरी के खिलाफ पहले से ही सात अन्य मुकदमें दर्ज हैं, जो उसके आपराधिक इतिहास को दर्शाती हैं.