Pakistani Spy arrested in Haryana: बीते हरियाणा में पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में फेमस यूट्यूबर ज्योति को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था. वहीं, अब पलवप पुलिस ने पाकिस्तान उच्चायोग और ISI के लिए जासूसी करने वाले तौफीक और यूट्यूबर वसीम अकरम को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने भारतीय सैन्य और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान भेजी और कई लोगों को वहां भेजने में मदद की.
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Palwal News Today: पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. भारत में पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही हैं. इसी क्रम में हरियाणा की पलवल पुलिस ने जासूसी मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. दोनों ने पूछताछ में पुलिस और एजेंसियों को कई अहम सुराग उपलब्ध कराये हैं.
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी तौफीक का ताल्लुक हरियाणा के पलवल जिले के हथीन खंड के आलीमेव से हैं. तौफीक को 25 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसे 5 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई. इस दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. तौफीक के रिमांड के दौरान यह खुलासा हुआ कि उसका सहयोगी वसीम अकरम निवासी कोट, खंड हथीन, जिला पलवल भी इस जासूसी नेटवर्क में शामिल है.
इसके बाद वसीम को बुधवार (2 अक्टूबर) को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. अदालत ने तौफीक को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया, जबकि वसीम को दो दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, तौफीक और वसीम ने इंटरनेट कॉल के जरिए पाकिस्तान उच्चायोग और खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क बनाए रखा.
ज्योति के बाद एक और यूट्यूबर गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, तौफीक ने बताया कि उसने पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात कर्मियों को सिम बेचने, पैसे भेजने और भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी शेयर करने का काम किया. दोनों आरोपियों ने कई लोगों को पाकिस्तान भेजने में मदद भी की थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वसीम अकरम यूट्यूबर है और अपना चैनल चलाता है.
इससे पहले यूट्यूबर ज्योति को भी पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. दोनों आरोपी यूट्यूबर्स पाकिस्तान एंबेसी में अधिकारी के रूप में कार्यरत दानिश नाम के शख्स से जुड़े पाए गए हैं. पिछले कुछ सालों से वसीम और ज्योति इस अधिकारी के संपर्क में थे और निर्देश प्राप्त कर रहे थे.
जिला अदालत के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी शशि भूषण मिश्रा ने बताया कि तौफीक 2022 में अपनी सास और उसके परिवार के साथ पाकिस्तान गया था. करीब 15 दिन वहां रहने के दौरान उसका और सास के परिवार का पाकिस्तान उच्चायोग से संपर्क हुआ. भारत लौटने के बाद तौफीक ने पाकिस्तान को भारतीय सैन्य और गोपनीय जानकारियां भेजनी शुरू कीं.
तौफीक के रिमांड में मिली जानकारी से पुलिस को वसीम तक पहुंचने में मदद मिली. वसीम के दो दिन के रिमांड में उससे आगे की पूछताछ की जाएगी. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपने नेटवर्क में कई अन्य लोगों के नाम और संपर्क भी बताए हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों ने इंटरनेट कॉल और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान उच्चायोग और आईएसआई के संपर्क में रहते हुए जासूसी की. आरोपी पाकिस्तान जाने के लिए वीजा भी बनवाते थे और कई लोगों को वहां भेज चुके हैं.
इस मामले की गहन जांच में CIA टीम भी शामिल है. पलवल पुलिस का कहना है कि तौफीक और वसीम के मामले ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान उच्चायोग और ISI के जरिये भारतीय सैन्य और संवेदनशील जानकारियों की जासूसी की जा रही थी. जांच अभी जारी है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है.
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