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Jammu Kashmir News: कश्मीर के श्रीनगर में स्थित हजरतबल दरगाह की दिवार पर वहां के वक्फ बोर्ड की तरफ से एक पट्टिका लगाई गई थी, जिसपर राष्ट्रीय चिह्न (अशोक स्तंभ ) था. गुजिश्ता दिनों ईद-ए मिलादुन्नबी के मौके पर अकीदतमंदों ने दरगाह के भीतर जानवर की आकृति देख कर आक्रोशित हो गए और उस पट्टिका पर हमला कर दिया.
जम्मू-कश्मीर के लगभग सभी नेताओं का यह कहना है कि इस्लाम में मूर्ति पूजा और जानवरों की तस्वीर इबादतगाहों में रखने की इजाजत नहीं है. नेताओं ने मांग की थी कि अकीदतमंदों ने जजबात में आकर यह हमला किया था, इस लिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए. वहीं खबर है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
इस घटना के बाद श्रीनगर के सांसद रूहुल्लाह मेहदी ने एक बयान देते हुए अफसोस जाहिर किया है. उन्होंने गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस वक्त कश्मीरियों को करुणा और हमदर्दी की सबसे ज्यादा जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस मामले को देशभक्ति के झूठे दिखावे के लिए तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. सांसदरूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि इस घटना की वजह से कश्मीरियों को बदनाम किया जा रहा है.
सांसद रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि कश्मीरियों की सामूहिक दुखों को देश के दुश्मन के रूप में दिखाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने 26 लोगों की गिरफ्तारी को संविधान की मूल्यों को कमजोर करने वाला एक्शन करार दिया है. साथ ही उन्होने सभी 26 लोगों की रिहाई की मांग की है.
सांसद रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि इस घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस्लाम में इबादतगाहों के अंदर जानवरों की तस्वीर पर रोक है. उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कानून के मुताबिक जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए था, लेकिन उसी कानून के तहत लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है.