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Kushinagar News Today: उत्तर प्रदेश में अक्सर हिंदूवादी संगठनों के जरिये सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने की घटनाएं सामने आ रही हैं. हालिया दिनों अलीगढ़ में मंदिर की दीवार पर हिंदू संगठन के लोगों ने 'I Love Muhammad' लिखकर हंगामा खड़ा कर दिया था. इसी तरह इटावा में मार्च 2025 में गौमांस फेंक कर हिंदू संगठनों ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है. इसी तरह का मामला अब कुशीनगर जिले से सामने आया है.
कुशीनगर जिले में हिंदूवादी संगठन के लोग अल्पसंख्यक समुदाय के मोहल्ले में पहुंचकर विवादित नारे लगाए. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इसकी वीडियो सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मुस्लिम बहुल इलाके में लगाए आपत्तिजनक और विवादित नारे
यह मामला कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े नौजवानों ने विवादित नारेबाजी कर कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया. पुलिस के मुताबिक, तुर्कपट्टी क्षेत्र के एक गांव में कुछ आरोपी मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रहे थे. इस दौरान उन्होंने जानबूझकर अभद्र और आपत्तिजनक नारेबाजी करते हुए गाली-गलौज की. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी खुद बनाया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया.
वीडियो सामने आते ही इलाके में तनाव की आशंका बढ़ गई और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश साफ तौर पर नजर आई. पुलिस प्रशासन ने बिना देरी किए मामले का संज्ञान लिया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, जांच के बाद यह पाया गया कि आरोपियों की यह हरकत सार्वजनिक शांति भंग करने की श्रेणी में आती है.
पुलिस ने पांचों आरोपियों को दबोचा
इसके बाद तुर्कपट्टी थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चाहे सड़क हो या सोशल मीडिया, कानून तोड़ने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. किसी भी तरह की अराजकता, भड़काऊ नारेबाजी या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा.
पहले भी हिंदूवादी संगठन कर चुके हैं तनाव बढ़ाने की साजिश
इससे पहले भी हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने कई बार सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की. अक्टूबर 2025 में अलीगढ़ में मंदिरों की दीवारों पर 'I Love Muhammad' जैसे स्लोगन लिखे गए. शुरुआत में मामला धार्मिक भावनाएं भड़काने का लगा, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि यह जानबूझकर तनाव फैलाने की साजिश थी. इस केस में चार लोगों जीशान्थ सिंह, आकाश सारस्वत, दिलीप शर्मा और अभिषेक सारस्वत, को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक, यह सभी हिंदूवादी संगठनों से जुड़े हुए थे.
ठीक इसी तरह मार्च 2025 में बड़े पैमाने पर हिंदू मुस्लिम दंगा भड़काने की कोशिश की गई. मार्च में इटावा में गौहत्या का फर्जी सीन रचने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया. आरोप है कि कुछ लोगों ने मुसलमानों को फंसाने और हिंसा भड़काने के लिए यह नाटक किया था. पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर साजिश नाकाम कर दी और आरोपियों को हिरासत में ले लिया. इसके अलावा कई और घटनाएं सामने आई हैं, जब हिंदूवादी संगठनों ने धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और मुसलमानों को फंसाने के लिए इस तरह की साजिश करते हुए पकड़े गए.