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Aligarh News Today: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का शुमार देश के बेहतरीन तालीमी इदारों में होती है. यहां से तालीम हासिल करने वाले छात्र दुनियाभर में हिंदुस्तान का नाम रौशन करते हैं. त्योहारों पर यहां गंगा जमुनी तहजीब का अनोखा संगम देखने को मिलता है. जिसकी पूरी दुनिया में तारीफ होती है. हालांकि, बीते कुछ सालों से त्योहारों पर दक्षिणपंथी संगठनों पर लगातार माहौल खराब करने के आरोप लगते रहे हैं.
इस बार पूरे देश में जोरशोर से तैयारी चल रही है, तो वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हिंदूवादी संगठन के कुछ नुमाइंदों की मांग से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. AMU में पढ़ने वाला दक्षिणपंथी छात्र अखिल कौशल ने यूनिवर्सिटी के एनआरसी क्लब में दीपोत्सव (दीपावली) मनाने के लिए प्रॉक्टर को पत्र भेजा है.
अखिल कौशल ने बताया कि उसने AMU के पहली महिला वाइसचांसलर को पत्र लिखा है. अखिलेश ने बताया कि उसने इस पत्र के जरिये मांग की है कि उसे AMU में दीवाली मनाने की इजाजत दी जाए. छात्र ने धमकी देते हुए कहा, "हमने AMU प्रशासन से 18 अक्टूबर को इजाजत देने की मांग की है. साथ 24 घंटे का वक्त दिया है."
अखिल कौशल ने बताया कि "इस पत्र के जरिये 18 अक्टूबर को दीपोत्सव और आतिशबाजी का कार्यक्रम में रखना चाहते हैं. साथ दिवाली के उपलक्ष्य में मिठाइयां बांटना चाहते हैं." उसने बताया कि AMU प्रशासन ने हमें आश्वस्त किया है कि जल्द उन्हें सकारात्म जवाब देंगे.
बता दें, इससे पहले बीते मार्च में होली मिलन समारोह को लेकर भी दक्षिपंथी संगठनों ने जमकर हंगामा किया था. इसकी वजह यह है कि प्रशासन ने आसामाजिक तत्वों के हुंड़दंग करने की आशंका के मद्देनजर इसकी इजाजत नहीं दी थी. उस दौरान भी अखिल कौशल ने प्रशासन को धमकी देते हुए कहा था कि अगर हमारी बात नहीं मानी जाती है, तो ऑडियो वीडियो वायरल कर देंगे. अखिल के साथ बहुसंख्यक समुदाय के दूसरे छात्रों ने होली पर बड़ा हंगामा करने की चेतावनी दी थी.
एएमयू प्रशासन के इजाजत ने देने की वजह शायद एक और मारूफ इदारा जामिया मिल्लिया इस्लामिया है. बीते साल अक्टूबर 2024 में दीवाली मनाने के लिए जुटे छात्रों के बीच में ABVP और दक्षिणपंथी संगठनों ने भड़काऊ नारे लगाए गए थे. जिसकी वजह से मौके पर तनाव फैल गया था. ABVP के पदाधिकारियों का कहना था कि दीवाली समारोह के दौरान 'फिलिस्तीन जिंदाबाद' के नारे लगाए थे, यह सुनकर बाहर से आए दक्षिणपंथी संगठनों के नेता भड़क गए. इसकी वीडियो सोशल मीडिया खूब वायरल हुई थी.