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Bhopal News Today: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी क्षेत्र में अगले माह 14 से 17 नवंबर तक इज्तिमा का आयोजन किया जाएगा. इस इज्तिमा को लेकर अभी से तैयारियां जोर शोर से शुरू हो चुकी हैं. इज्तिमा से पहले हिंदूवादी संगठनों ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है. हिंदूवादी संगठनों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और उसे सार्वजनिक करने की मांग की है.
हिंदू संगठनों ने इज्तिमा की आड़ में देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय के वजूद की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है. हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि इज्तिमा में देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों की संभावना है. कथित महामंडलेश्वर अनिलानंद ने दावा किया कि "भारत विरोधी देशों से जमातें इस कार्यक्रम में आती हैं. यहां देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोग पकड़े गए हैं. कई ऐसे शरणार्थी यहां रुक जाते हैं और मुस्लिम बस्तियों में शामिल हो जाते हैं."
मुसलमानों की देशभक्ति पर खड़े किए सवाल
अनिलानंद ने प्रशासन से मांग की कि "इन जमातों की आवाजाही के दौरान जांच (चेकिंग) होनी चाहिए. करीब 15 से 20 लोग यहां रुकते हैं और उन्हें मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में शरण और ट्रेनिंग दी जाती है. इनकी तकरीरों (भाषणों) की रिकॉर्डिंग की जाए और उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाए. हम इस संबंध में गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे."
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भी यही मांग दोहराई. चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि "कार्यक्रम में आने वालों की जांच होनी चाहिए और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जानी चाहिए."
हिंदू संगठनों को कांग्रेस की खरी-खरी
कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने हिंदू संगठनों के आरोपों का पुरजोर विरोध किया. पीसी शर्मा ने कहा कि "यह इज्तिमा सालों से होता आ रहा है. जो इस्लाम धर्म को मानते हैं, वे दुआ करने आते हैं. यह सिर्फ एक धर्म का आयोजन नहीं है, यहां सभी लोग पहुंचते हैं. सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन हिंदूवादी संगठनों को शक है तो वे दिल्ली से जांच बुला सकते हैं." उन्होंने कहा, "उनके पास कुछ ठोस सबूत नहीं हैं. वे हिंदू-मुस्लिम और हिंदुस्तान-पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर सियासत कर रहे हैं, लेकिन ज्यादा दिन तक यह सियासत नहीं चल पाएगी."
हिंदू संगठनों को मिला बीजेपी का समर्थन
भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "साधु-संत समाज और सभी लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे कार्यक्रमों में CCTV कैमरे लगाए जाएं और पूरी रिकॉर्डिंग होनी चाहिए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे." रामेश्वर शर्मा ने कहा, "हमारे महाकुंभ में भी CCTV कैमरे लगाए जाते हैं. CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए."
सांसद आलोक शर्मा ने कहा, "जब मैं महापौर था, तब शहर में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनाया गया था. हर बड़े आयोजन स्थल पर CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके."
'इज्तिमा में प्रशासन के साथ मिलकर करते हैं काम'
वहीं, मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने कहा कि "भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखना हमारी जिम्मेदारी है. हिंदू संगठन अनर्गल आरोप लगा रहे हैं." उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम सालों से हो रहा है और हम प्रशासन के साथ मिलकर काम करते हैं. सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी कार्यक्रम की पूरी जानकारी और वीडियो डाले जाते हैं."