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Saharanpur News Today: उत्तर प्रदेश में हिंदूवादी संगठनों पर लगातार विवाद पैदा करने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. वहीं, अब सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर हैं. मंगलवार (28 अक्टूबर) को हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया.
बता दें, हालिया दिनों सांसद इमरान मसूद ने एक पॉडकास्ट में शहीद भगत सिंह की तुलना हमास से की थी. उन्होंने कहा था कि जिस तरह शहीद भगत सिंह अपने देश की सरजमीं के लिए अंग्रेजों से लड़े थे, उसी तरह हमास अपनी सरजमीं के लिए इजरायल से लड़ रहा है. हालांकि, इस दौरान होस्ट ने इमरान मसूद का विरोध करते हुए कहा था कि हमास आतंकी संगठन है, उसकी तुलना भगत सिंह से नहीं की जा सकती है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के इस बयान हिंदूवादी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया. हैरानी तो तब हुई जब हिंदूवादी संगठनों ने भगत सिंह को दक्षिणपंथी विचारधारा से जोड़कर पेश किया. सहारनपुर में भी हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया. हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से सांसद इमरान मसूद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस लाइन पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन एसएसपी को सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई है कि इमरान मसूद के विवादित बयान की जांच कर उनके खिलाफ देशद्रोह समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए.
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह भारत माता के सच्चे सपूत और महान स्वतंत्रता सेनानी थे. जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया. कांग्रेस सांसद पर आरोप लगाते हुए हिंदू रक्षा दल के नेताओं ने कहा कि "भगत सिंह को आतंकवादी कहना राष्ट्र की अस्मिता का अपमान है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
कार्यकर्ताओं ने धमकी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा. उनका कहना था कि इस तरह के बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं और ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन काफी सतर्क दिखाई पड़ा. हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के नारेबाजी और भारी विरोध से तनाव की स्थिति देखी. हालांकि, बाद में उन्होंने ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन खत्म कर दिया.