Holi and Ramzan Juma Advisory:आगामी 14 मार्च को होली और रमजान का दूसरा जुमा एक ही दिन पड़ रहा है. इस दिन दोनों समुदाय के लोगों की भीड़ सड़कों पर होती है. दोनों के दरमियान कहीं कोई आपसी टकराव, विवाद ने हो इसके लिए पुलिस- प्रशासन लगातार मेहनत कर रहा है. वहीँ, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने भी एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से प्रेम और भाईचारे का सबूत पेश करने की अपील की है.
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नई दिल्ली: अभी मार्च में मुसलमानों के रमजान का पाक महीना चल रहा है. इसी महीने की 14 तारीख को जुमा और हिंदू समुदाय का प्रमुख त्योहार होली एक ही दिन पड़ रहा है. जुमा और होली का एक दिन पड़ना कोई नई बात या कोई बड़ी घटना नहीं है. ऐसा पहले भी कई बार हुआ है, जब रमजान के किसी जुमे या ईद- बकरीद या मुहर्रम जैसे मुसलमानों के किसी ख़ास पर्व या इवेंट के दिन हिन्दुओं के पर्व- तौहार भी पड़े हों. लेकिन इस वक़्त मुल्क की फिजा थोड़ी आलुदह है, जहाँ हिन्दू और मुसलमानों के दरमियान नफरत का वायरस घूम रहा है. इससे बचने और होली- जुमे के दिन किसी संभावित टकराव से निपटने के लिए अभी से दोनों तरफ से एह्तेयाती कदम उठाये जा रहे हैं.
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया फरंगी महल लखनऊ ने एडवाइजरी जारी की
इस मौके पर लखनऊ की मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के सदर और शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद ने आपसी सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने के लिए एडवाइजरी जारी की है. शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद ने कहा, " हर मुसलमान कोशिश करता है कि रमजान का पूरा महीना इबादत में गुजारे. हर रोजेदार इस बात को यकीनी बनाता है कि उसकी तरफ से किसी को जरा- सी भी परेशानी न हो. 14 मार्च को हम जुमे की नमाज़ पढेंगे और हमारे हिंदू भाई होली मनाएंगे. इसे देखते हुए इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया फरंगी महल लखनऊ ने एडवाइजरी जारी की है."
जुमे के दिन की मान लें ये 5 सलाह
इसमे सभी मस्जिद कमेटियों से अपील की गयी है कि जिन मस्जिदों में नमाज जुमा दोपहर 12.30 बजे से 1 बजे के दरमियान है, वहां पर एक घंटे का वक़्त बढ़ा लिया जाए, जिससे नमाजियों को नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में आने में कोई परेशानी न हो और हमारे हिंदू भाइयों के त्योहार में भी कोई खलल न पड़े. 14 मार्च को छुट्टी का दिन है. उस दिन सभी लोग नमाज जुमा अपने मोहल्ले की मस्जिदों ही में अदा करें. कहीं दूर दराज न जाएं. बिना ज़रूरत घरों से बाहर न निकलें. किसी भी तरह के टकराव से बचने की कोशिश करें. किसी के टिप्पणियों का जवाब न दें. कोई रंग- वंग डाल भी दे, तो उसपर कोई तीखी प्रतिक्रिया न दें. अमन और सब्र का दामन न छोड़ें.
पुलिस- प्रशासन अमला भी उठा रहा एहतियाती कदम
वहीँ, दूसरी जानिब उत्तर प्रदेश सहित सभी भाजपा शासित राज्यों में रमज़ान के जुमे और होली के एक ही दिन पड़ने को लेकर इसे पहले से ही काफी संवेदनशील मसला बनाया जा रहा है. संवेदनशील समझे जाने वाले इलाकों ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये जाएंगे. कई जिलों और राज्यों में हिस्ट्रीशीटर बदमासों को पहले से ही चिन्हित कर उसे नज़रबंद किया जा रहा है. इलाकों में पुलिस और शान्ति समिति की बैठकें की जा रही है, ताकि हर जगह शान्ति व्यवस्था कायम रखा जा सके. हालांकि, ये सब एक खानापूर्ति उपाय लग रहा है.झगड़ा- लड़ाई कभी भी स्थानीय लोग आपस में नहीं करते हैं. इसके लिए बहार से आये हुए लोग उकसावे की कार्रवाई करते हैं. भीड़ मुसलमानों के मोहल्ले में हिंसक नारे लगाती है. मस्जिदों के सामने तलवार लहराते हैं. मुल्लों को टाइट करने के नारे और गालियां देते हैं. जन प्रतिनिधि उसे अपना समर्थन देते हैं. झूठी अफवाहें फैलाकर दो समुदायों में घृणा और अविश्वास पैदा करते हैं. इसलिए ज़रूरी है कि ऐसे आराजक तत्वों से निपटा जाए. पुलिस और प्रशासन ऐसे लोगों पर नज़र रखें.
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