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Humayun Kabir on Mamata Banerjee: भरतपुर से विधायक और तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए हुमायूं कबीर ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी तैयारियों पर चर्चा की. एक इंरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में हुमायूं कबीर ने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा. उन्होंने कहा, "इस बार निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा. अब तक मुसलमान कभी किसी के अधीन नहीं रहे हैं. मैं हर जगह यह घोषणा करूंगा कि मुसलमानों को किसी के अधीन नहीं रहना चाहिए."
उन्होंने अपील की, "मुसलमानों को किसी के अधीन नहीं रहना चाहिए. उन्हें सिर्फ अल्लाह के अधीन रहना चाहिए. मैं यही बात सबको बताना चाहता हूं." हुमायूं कबीर ने ममता सरकार पर मुसलमानों के साथ विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी के दरवाजे दूसरी पार्टियों के लोगों के लिए खुले हैं. उन्होंने कहा, "मेरी पार्टी के दरवाजे सबके लिए खुले हैं. मैं सबका स्वागत करूंगा. उन्हें मेरी पार्टी में आना चाहिए. सभी पार्टियों ने मुसलमानों के साथ विश्वासघात किया है.
ममता बनर्जी भी कई सालों से सत्ता में हैं. उन्होंने भी मुसलमानों के साथ विश्वासघात किया है. मुस्लिम समुदाय के लोगों को उन्हें मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए."
उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के विधायक नौशाद सिद्दीकी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने और मुसलमानों का नेतृत्व करने की बात कही. उन्होंने कहा, "मैं उन्हें एक साथ लाने की कोशिश कर रहा हूं. ओवैसी साहब एक समझदार और जाने-माने व्यक्ति हैं. वह सांसद भी हैं. नौशाद सिद्दीकी मेरे बेटे जैसे हैं. वह भी विधायक हैं." उन्होंने आगे कहा, "मुसलमानों को किस तरह की आज़ादी मिलनी चाहिए? यह काम उन्हें एक साथ लाकर किया जाना चाहिए. मुझे लगता है कि मैं नौशाद सिद्दीकी और ओवैसी साहब की पार्टियों को एक साथ लाकर चुनाव लड़ूंगा. मुझे उम्मीद है कि हम मुर्शिदाबाद में 17 सीटें जीतेंगे."