Mirwaiz Umar Farooq on Waqf Amendment Act 2025: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वक्फ अमेंडमेंट एक्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है. इसके तहत Waqf By User समेत वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं करने और केंद्रीय वक्फ परिषद व वक्फ बोर्ड में नियुक्तियां न करने के निर्देश दिए. इस बीच हुर्रियत चीफ मीरवाइज का इस कानून को लेकर बड़ा बयान सामने आया है.
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Jammu Kashmir News Today: हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने गुरुवार (17 अप्रैल) को आरोप लगाया कि वक्फ अमेंडमेंट एक्ट मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ है. मीरवाइज उमर फारूक ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस कानून को खारिज कर देगा.
केंद्र सरकार से आश्वासन मिलने के बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने आगामी पांच मई तक 'उपयोग के आधार पर वक्फ' (Waqf By User) समेत वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं करने और केंद्रीय वक्फ परिषद व वक्फ बोर्ड में नियुक्तियां न करने के निर्देश दिए. देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने केंद्र सरकार को वक्फ अमेंडमेंट एक्ट की वैधता पर जवाब दाखिल करने के लिए गुरुवार को सात दिन का समय दिया.
‘उपयोग के आधार पर वक्फ’ संपत्ति लंबे समय से धार्मिक या परोपकारी उद्देश्य से इस्तेमाल की जा रही संपत्ति होती है, जिसके लिए लिखित दस्तावेज या रजिस्ट्री की जरूरत नहीं होती. कानून की संवैधानिक वैधता को कई संगठनों और व्यक्तियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है. कोर्ट ने 73 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस कानून के पर अंतरिम रोक लगा दी है.
अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट एक संदेश में हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने कहा, "वक्फ अमेंडमेंट एक्ट पर सरकार से सुप्रीम कोर्ट के जरिये कुछ कठिन सवाल पूछे जाने और कानून पर उसके अंतरिम रुख का स्वागत है, जिसमें कहा गया है कि वक्फ बोर्ड में कोई नया सदस्य नहीं जोड़ा जाएगा और 'वक्फ-बाय-यूजर' संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं किया जाएगा."
मीरवाइज उमर फारूक ने आगे कहा, "यह उन मुसलमानों को उम्मीद देता है जो राहत और इंसाफ के लिए इसे (अदालत को) अपने अंतिम उपाय के रूप में देखते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस पक्षपातपूर्ण और अतिशय अधिनियम को रद्द कर देगा जो विशाल मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ है."
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