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Telangana News: तेलंगाना के हैदराबाद में ऐतिहासिक जामा मस्जिद हुसैनिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया. दरअसल, हैदराबाद के सुल्तानपुर स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद हुसैनिया, जिसे मस्जिदे हुसैनिया भी बोला जाता है. इस मस्जिद के बाहर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता और कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने इस मस्जिद के अंदर मौजूद मदरसे को अवैध बताते हुए बंद करने की मांग की.
इस घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है. इस बीच मदरसे के मौलाना ने बताया कि उन्होंने सैयद सबर हुसैनी नाम के एक से मस्जिद के अंदर मदरसा चलाने के लिए पट्टे पर जमीन ली है, लेकिन मोहम्मद रफी नामक एक व्यक्ति BJP नेता रामकृष्ण रेड्डी के साथ मिलकर मस्जिद की जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहता है.
इस वजह से हुआ विवाद
जामा मस्जिद हुसैनी के भीतर एक मदरसा है, जिसका नाम मदरसा दारुल उलूम नोमानिया है. इस मदरसे को अवैध बताते हुए BJP नेता रामकृष्ण रेड्डी और उनके कुछ कार्यकर्ता बंद करने की मांग कर रहे हैं. इस विवाद की शुरुआत बीते 16 अप्रैल से हुआ, जब कॉलोनी के कुछ हिंदू समुदाय के बच्चों ने उस इलाके में 'बोदराई' नामक एक भावनात्मक पत्थर का बेहुरमती किया. इस घटना के बाद पुलिस को बुलाना पड़ा था.
मस्जिद की जमीन पर कब्जा करने की है साजिश?
जामा मस्जिद हुसैनिया के अंदर मदरसा दारुल उलूम नोमानिया चलाने वाले मौलाना अकबर का कहना है कि सैयद वह सबर हुसैनी नाम के एक व्यक्ति से मस्जिद को 10 साल के लिए पट्टे पर लिया था, लेकिन मस्जिद में सेवा करने वाले मोहम्मद रफी नामक एक व्यक्ति 1,000 वर्ग गज ज़मीन में से 200 वर्ग गज ज़मीन पर अपना दावा कर रहा है.
मदरसे में रोहिंग्या मुसलमानों को रखने का इल्जाम!
मौलाना अकबर ने मोहम्मद सब्बर पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वह भाजपा के रामकृष्ण रेड्डी के साथ मिलकर मदरसा बंद करने का दबाव बना रहा है, ताकि वह उस ज़मीन पर अवैध रूप से कब्जा कर सके. भाजपा नेता का दावा है कि मदरसे में रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं. वहीं, मौलाना अकबर ने कहा कि इस मदरसे में पढ़ने वाले सभी छात्र तेलंगाना के ग्रामीण और शहरी इलाकों से हैं.