)
Saharanpur News Today: उत्तर प्रदेश का कानपुर पूरी दुनिया में 'मैनचेस्टर ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन बीते 4 सितंबर को बारावफता के पाक मौके पर पुलिसिया कार्रवाई ने देश का माहौल बदल दिया. इसकी वजह यह है कि यहां पर बारवफात पर 'I Love Muhammad' का बैनर लगाया गया था. इस बैनर को देखकर हिंदूवादी संगठन भड़क गए थे और इसे नई परंपरा बताते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी.
इसके बाद कानपुर पुलिस ने कई मुस्लिम नौजवानों के खिलाफ मामला दर्ज कर पोस्टर हटवा दिया था. इस कार्रवाई के खिलाफ पूरे देश में विरोध शुरू हो गया. मुस्लिम समुदाय इस मुद्दे पर दो फाड़ नजर आ रहा है. बीते दिनों बरेली में मौलाना तौकीर रजा की अगुवाई में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इकट्ठा होकर जुलूस निकाला था, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर तितर बितर कर दिया और भीड़ पर कथित हिंसा और उत्पात मचाने का आरोप लगाते हुए हजारों पर लोगों पर केस दर्ज कर लगभग 80 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
वहीं, बीते दिनों मशहूर आलिमे दीन मौलाना सज्जाद नोमानी ने भी बयान दिया. उनके बयान को दक्षिणपंथी संगठनों ने भड़काऊ बताते हुए केस दर्ज करने की मांग की. उनके इस बयान का जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने बचाव किया है. उन्होंने कहा कि मैंने मौलाना सज्जाद नोमानी का बयान तो नहीं सुना है, लेकिन वह पहले भी कह चुके हैं कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से प्यार करने वाला उनके बताए हुए रास्ते पर अमल करता है.
जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, "वह उन सभी बातों को मानते हैं, जो पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कही हैं. ऐसे में प्यार करने का मतलब यह नहीं है कि पोस्टर लगाया जाए. प्यार करने का मतलब यह भी नहीं है कि सड़क पर खड़े होकर बैनर लहराकर नारे लगाए जाएं." उन्होंने आगे कहा, "प्यार करने का मतलब है कि नबी (स.अ.) ने जो कहा है, उस पर अमल किया जाए. हमें इस वक्त बहुत हिम्मत और सब्र से काम लेने की जरूरत है और वक्त कहता है कि इस पर अमल किया जाए."