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Zee SalaamIndian Muslimवक्फ बिल के खिलाफ अब इमारत शरिया का बड़ा ऐलान; दे डाली ये चेतावनी

वक्फ बिल के खिलाफ अब इमारत शरिया का बड़ा ऐलान; दे डाली ये चेतावनी

Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल के पास होने के बाद विपक्ष में नाराजगी देखी जा रही है. अब इमारत सरिया जल्द ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और तमाम मुस्लिम संगठनों के साथ बैठक कर, आगे की रणनीति तैयार करेंगे. बाद में जरूरत पड़ने पर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट भी ले जा सकते हैं. 

वक्फ बिल के खिलाफ अब इमारत शरिया का बड़ा ऐलान; दे डाली ये चेतावनी

Waqf Amendment Bill: दोनों सदनों में बिल पास होने के बाद से देश की सियासत में हलचल मच गई है. कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने दावा किया है कि इस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगें. वक्फ बिल को लेकर अब इमारत सरिया ने भी बड़ा ऐलान कर दिया है.

वक्फ बिल को लेकर इमारत सरिया ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत सरिया हिन्दुस्तान के तमाम खानका के गद्दी नशीन के साथ बैठक करेंगे.  मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत सरिया आगे की रणनीति बनाने की तैयारी करेगी और बाद में वक्फ बिल के मामले को सुप्रीम कोर्ट भी ले जा सकती है.

इमारत सरिया के नाजिम मौलाना अतिउर्रहमान कासमी ने कहा, "इस बैठक में कानून के दायरे में रहकर जो भी सही कदम उठाना होगा, उस पर फैसला लिया जाएगा. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और प्रोटेस्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है." 

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 गैर-मुस्लिमों को वक्फ में शामिल करना गलत 
मौलाना अशर रहमान कासमी ने कहा है कि वक्फ बिल के बारे में गहराई से जांच के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, इमारत-ए-शरिया और अन्य संगठनों के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा.  इसके साथ ही मौलाना ने बिल में गैर-मुस्लिमों को वक्फ की संपत्तियों में शामिल करने के नियम को गलत करार दिया गया है. 

बिल भारत के संविधान पर हमला
इमारत-ए-शरिया के काजी मौलाना वसी अहमद ने कहा, "यह बिल भारत के संविधान पर हमला है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी." उन्होंने सवाल उठाया कि 5 साल तक मुसलमान रहने का प्रमाण पत्र कौन देगा? 
मौलाना ने कहा, "अगर कानूनी तौर पर कोई विकल्प होगा तो वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे. गैर-मुस्लिमों को इसमें शामिल करने की बजाय, गुरुद्वारों और राम मंदिरों में भी मुस्लिमों की भागीदारी का नियम किया जाना चाहिए था, जो नहीं किया गया."

जेडीयू के बयान बीजेपी से भी कट्टर 
वही इस मुद्दे पर जेडीयू नेता और इमारत-ए-शरिया से जुड़े इश्तियाक अहमद ने कहा, इस बिल की वजह से आगामी चुनावों में जेडीयू को सबसे ज्यादा नुकसान होगा. जेडीयू नेताओं ने इस पर जो बयान दिए हैं, वह बीजेपी से भी अधिक कट्टर जाहिर होते हैं, जिससे पार्टी मुस्लिम वोट बैंक खो सकती है. अगक बीजेपी मुस्लिमों को टिकट देना शुरू कर दे, तो मुसलमान उन्हें भी सपोर्ट देने के लिए तैयार होंगे.

उन्होंने आगे कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट में जाने की जरूरत पड़ी, तो वे मुस्लिम मौलानाओं से विचार-विमर्श कर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे. 

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