)
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्ज़िद के ध्वस्तीकरण के खिलाफ दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी कर मामले में तीन सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया है. साथ ही अगली सुनवाई तक जुर्माना वसूली के आदेश पर रोक लगा दी है. मस्ज़िद कमेटी के मुतवल्ली मोहम्मद तनवीर अहमद की तरफ से दाखिल याचिका पर जस्टिस रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई की है. अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर की तारीख तय की है.
गौरतलब है कि बीते सप्ताह यूपी के सहारनपुर के कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद को रातों- रात ध्वस्त कर दिया गया था, जिसके बाद मस्जिद कमेटी ने पूरी कार्रवाई को अवैध और गैर कानूनी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिका में कहा गया है कि उन्हें मस्जिद के ध्वस्तीकरण के लिए कोई नोटिस नहीं दी गई और वोर्शिप एक्ट 1991 का भी सीधे तौर पर उल्लंघन किया गया है.
इस मामले में राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दाखिल याचिका में सिटी मजिस्ट्रेट सहारनपुर के बीते 16 जुलाई के आदेश के साथ ही जिला जज सहारनपुर के 2 सितम्बर के बेदखली के आदेश को चुनौती दी गई है. इसके अलावा जुर्माने के तौर पर 6 करोड़ 41 लाख रुपए लगाए जाने के आदेश को भी याचिका में चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने फिलहाल सुनवाई के बाद मामले में राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है और तब तक के लिए जुर्माने की वसूली पर अंतरिम रोक लगा दी है.
कोर्ट के आदेश पर मौलाना खालिद रशीद की प्रतिक्रिया
सहारनपुर मस्जिद मामले में इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया लखनऊ के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है.
मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमें जल्द से जल्द न्याय मिलेगा और जिन लोगों ने मस्जिद गिराई है उन पर सख्त कार्रवाई होगी और दोबारा मस्जिद बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़े जाने से पूरे मुस्लिम समाज में गम का माहौल है.