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Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला, जो साल 2021 में काफी चर्चा में रहा था. यह मामला अब जिला एवं सत्र न्यायालय के फैसले के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. जहां चूड़ी बेचने वाले तस्लीम के खिलाफ हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने कुछ औरतों और लड़कियों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. इस केस में दर्ज शिकायत पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तस्लीम को दोषमुक्त कर दिया है.
यह पूरा मामला कोरोना काल के दौरान साल 2021 का है. उस समय तस्लीम बाणगंगा थाना क्षेत्र की कॉलोनियों और मोहल्लों में घर-घर जाकर चूड़ियां बेच रहे थे. यह बात हिंदूवादी संगठनों को नागवार गुजरी. इसी दौरान संगठन से कुछ लोगों ने तस्लीम पर औरत और लड़कियों से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए. आरोप यह भी लगाया गया कि तस्लीम फर्जी आधार कार्ड रखते हैं और उन्होंने अपना नाम बदलकर खुद को 'गोलू' बताया था.
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तस्लीम को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट भी की. इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने तस्लीम को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए तस्लीम को गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. तस्लीम करीब चार महीने तक जेल में रहे.
इस पूरे मामले की सुनवाई इंदौर के जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी. अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से छेड़छाड़ और फर्जी दस्तावेज से जुड़े आरोप लगाए गए, जबकि बचाव पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताया. तस्लीम की ओर से केस लड़ने के लिए दिल्ली से विशेष रूप से वकील भी इंदौर आए थे. लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके. इसी आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तस्लीम को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया.
यह मामला उस समय काफी संवेदनशील बन गया था, क्योंकि घटना के दौरान तस्लीम के साथ मारपीट की गई थी और उस पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. पुलिस कार्रवाई के बाद वह लंबे समय तक जेल में रहा और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरे. अब अदालत के इस फैसले के बाद तस्लीम को कानूनी रूप से राहत मिली है. तस्लीम को भले ही कोर्ट से रिहाई मिल गई है, लेकिन इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को भारी तनाव से गुजरना पड़ा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई.