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Irfan Solanki released from Jail: उत्तर प्रदेश के कानपुर से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी 34 महीने बाद मंगलवार (30 सितंबर) को महराजगंज जेल से रिहा कर दिया गया. विधायक इरफान सोलंकी को जेल से रिसीव करने के लिए पत्नी नसीम सोलंकी और माँ खुर्शिदा बेगम महाराजगंज जेल पहुंची थीं. इरफान सोलंकी महराजगंज जेल से छूटने के बाद रात 3 बजे के करीब कानपुर के जाजमऊ स्थित अपने घर पहुँचे, वहां इरफान सोलंकी के समर्थकों ने जमकर स्वागत किया. इरफान सोलंकी के पहुँचते ही उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी और आतिशबाजी की।
महराजगंज जेल से रिहा होने के बाद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि 34 महीने बाद अपने परिवार के बीच आने का मौका मिला है, इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है. इरफान ने कहा कि उन्होंने जेल में जो संघर्ष और मेहनत की है उसी वजह से आज उनकी पत्नी विधायक भी बनी है. इरफान ने कहा कि रात के 3 बज रहे हैं, ये लोगों की मोहब्बत है जो आज हम यहां हैं.
इरफान सोलंकी ने जेल से रिहा होने के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में फिल्मी अंदाज में लिखा कि "स्वागत नहीं करोगे हमारा" ? बता दें कि साल 2022 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी को MP-MLA कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था. अब हाई कोर्ट ने दोनों भाइयों को रिहा कर दिया है. इस रिहाई के बाद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के समर्थकों में खुशियों की लहर है.
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि अब दशहरा और दिवाली यही मनाएंगे. इरफान ने कहा कि जेल से निकलने के बाद समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव से फोन पर बात हुई, अखिलेश यादव इस समय विदेश में हैं, जब वो वापस आएंगे तो मुलाकात करने जाएंगे. इरफान सोलंकी ने कहा कि जेल में रहने के दौरान जब उपचुनाव हो रहा था, उस वक्त अखिलेश यादव और शिवपाल यादव ने इरफान सोलंकी के परिवार की मदद की. उनके लिए इन दोनों नेताओं ने रोड़-शो तक किया.