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Israel News: इजरायली सेना अपने पड़ोसी मुल्क लेबनान पर हमले करती रहती हैं. लेबनान और इजरायल की सीमाओं के बीच कुछ इलाकों में संयुक्त राष्ट्र (UN) संघ के सैनिक रहते हैं, जिन्हें तनाव वाले क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए तैनात किया जाता है. लेकिन इजरायली सेना संयुक्त राष्ट्र संघ के सैनिकों को भी निशाना बना रही है. बीते मंगलवार को इजरायली सेना ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र संघ की सैनिकों पर हमला किया. संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस घटना के लिए इजरायल की निंदा की है.
इज़राइली रक्षा बल (आईडीएफ) के ड्रोन ने मंगलवार सुबह लेबनान में UN के सैनिकों के पास चार ग्रेनेड गिराए. ये सैनिक ब्लू लाइन से संयुक्त राष्ट्र के ठिकाने तक जाने वाले रास्ते को साफ कर रहे थे. इसी दौरान इजरायली सेना ने उन पर ड्रोन से अटैक किया. ब्लू लाइन लेबनान और इजराइल के बीच संयुक्त राष्ट्र के जरिए 2000 में स्थापित एक सीमा रेखा है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को UN सैनिकों पर चार ग्रेनेड गिराए गए, जिसमें से एक ग्रेनेड संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और वाहनों के 20 मीटर के दायरे में गिरा, जबकि तीन अन्य लगभग 100 मीटर के दायरे में गिरे. संयुक्त राष्ट्र संघ के बयान में कहा गया है कि इस हमले के बाद ड्रोन ब्लू लाइन के दक्षिण के इलाकों में लौट गए.
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र संघ जिस सड़क की सफाई कर रहा था, उसकी जानकारी इजरायली सेना को दी गई थी, इसके बावजूद इजरायली सेना ने UN के सैनिकों पर हमला किया. संयुक्त राष्ट्र इस हमले को पिछले साल हुए सीजफायर के बाद सबसे बड़ा हमला मान रहा है.
इजरायली सेना लेबनान में हिजबुल्लाह के बहाने आए दिन हमले करती है. इन हमलों में आम लोगों की भी मौत होती है. इजरायल की मांग है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के सभी हथियारों को सीज कर लिया जाए और हिजबुल्ला को डिस्मेंटल कर दिया जाए. वहीं हिजबुल्लाह किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है.