Iran crackdown on Mossad Agent: ईरान में जारी प्रदर्शनों को लेकर सरकार ने अमेरिका और इजरायल पर साजिश रचने का आरोप लगाया है. इस हिंसा में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मानवाधिकार संगठन 192 मौतों का दावा कर रहा है. वहीं, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साजिशों का पर्दाफाश करते हुए 600 मोसाद एजेंटों की पहचान और एक जासूस की गिरफ्तारी का दावा किया है.
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Iran News: ग़ज़ा में इजरायल ने बड़ी संख्या में बेगुनाहों का इंसानों का कत्ल किया और उसके साथी अमेरिका ने वेनेजुएला के संसाधनों के लालच में वहां तख्ता पलट कर दिया. अमेरिका और इजरायल अब ईरान की प्राकृतिक संसाधनों पर नजरें जमाये हुए हैं. दोनों देशों के कथित खुफिया प्रॉक्सी ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन करवा रहे हैं, जबकि अमेरिकी समर्थक और पूर्व तानाशाह के बेटे रजा पहलवी भी प्रदर्शन और हिंसा को भड़काने में लगे हैं.
वहीं, अब अमेरिका और इजराइल की ओर उंगली उठाते हुए ईरान में सरकार और सेना खुलकर सामने आ गई है. तेहरान से लेकर दूसरे शहरों तक चल रहे प्रदर्शनों को लेकर ईरान का कहना है कि यह सिर्फ अंदरूनी मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे विदेशी साजिश भी हो सकती है. इसी बीच हिंसक प्रदर्शनों में मरने वालों और गिरफ्तारियों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
तेहरान (एजेंसी) ईरानी सरकार ने कहा है कि देश में हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 15 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सरकार ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा.
ईरान की पासदारान-ए-इंकलाब (रिवोल्यूशनरी गार्ड) ने कहा है कि ईरानी सेना हर साजिश का मुकाबला करने के लिए तैयार है और देश की रक्षा उनकी रेड लाइन है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ सड़कों पर न निकलें. उन्होंने प्रदर्शनों में शामिल लोगों को उपद्रवी बताया.
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अगर जनता को कोई चिंता या शिकायत है, तो उसका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन उपद्रवी पूरे समाज को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने माता पिता से बच्चों को प्रदर्शनों में न भेजने की अपील की और नौजवानों से कहा कि वे उपद्रवियों और आतंकियों के बहकावे में न आएं.
विदेशी मीडिया के मुताबिक, ईरानी सरकार ने हंगामों को लेकर जारी बयान में कहा है कि अब तक करीब ढाई हजार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें तेहरान के पास से पकड़े गए 100 हथियारबंद उपद्रवी भी शामिल हैं. ईरान में यह प्रदर्शन 15वें दिन भी जारी हैं. वहीं, तेहरान से ईरानी मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि दो हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों में 192 लोगों की मौत हो चुकी है. संगठन के मुताबिक मरने वालों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है.
दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि उसने प्रदर्शनों को भड़काने वाले 600 मोसाद एजेंटों को बेनकाब किया है. ईरान की पासदारान-ए-इंकलाब ने कहा है कि उसने ऐसे 600 लोगों की पहचान की है, जो मोसाद के एजेंट हैं और विरोध प्रदर्शनों को भड़काने में शामिल हैं.
खबर एजेंसी तस्नीम के टेलीग्राम चैनल के मुताबिक, 'हनजला ग्रुप' ने मोसाद के 600 कथित एजेंटों की पहचान से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. रिपोर्ट के साथ एक पीडीएफ दस्तावेज भी जारी किया गया है, जिसमें ईरान, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और इजरायल समेत कई देशों के नाम और फोन नंबरों की लिस्ट है. इस लिस्ट में कुछ नाम इब्रानी भाषा में और कई ईरानी नाम अंग्रेजी में लिखे हुए हैं.
ग्रुप ने दावा किया है कि उसने मेहरदाद रहीमी नाम के एक शख्स को हैक किया, जिसे मोसाद का अधिकारी बताया गया है. ग्रुप का कहना है कि उसने प्रदर्शनों के दौरान उसकी सरगर्मियों पर नजर रखी थी. इसी बीच ईरान की पासदारान-ए-इंकलाब ने दावा किया है कि देशभर में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई में एक इजरायली जासूस को गिरफ्तार किया गया है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि हालिया प्रदर्शनों में विदेशी हाथ हो सकता है. ईरान की पासदारान-ए-इंकलाब के इंटेलिजेंस विंग ने एक विदेशी नागरिक को इज़राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
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