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Zee SalaamIndian MuslimJMI के छात्रों का वक्फ विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन, मौके पर जलाई विधेयक की कॉपी

JMI के छात्रों का वक्फ विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन, मौके पर जलाई विधेयक की कॉपी

JMI Students Protest against Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक दोनों सदनों से पारित होने के बाद देश में इसके खिलाफ विरोध शुरू हो गया है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने भी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर विश्विद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया. छात्रों ने विश्विद्यालय प्रशासन पर उनकी आवाज दबाने के आरोप लगाए. 

 

वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र
वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र

Jamia Millia Islamia Students Protest: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ शुक्रवार (4 मार्च) को विश्वविद्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों ने पारित कर दिया है. वक्फ (संशोधन) विधेयक गुरुवार को लोकसभा और शुक्रवार तड़के राज्यसभा से भी पारित हो गया. 

सरकार का दावा है कि इस विधेयक को लाने का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना, विरासत स्थलों की सुरक्षा करना और वक्फ बोर्डों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाना है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य छात्र समूहों की अगुवाई में यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात के पास हुआ. 

JMI प्रशासन पर गंभीर आरोप

एक बयान में, आइसा ने विधेयक को "असंवैधानिक और सांप्रदायिक" करार देते हुए इसकी निंदा की. छात्र संगठन ने छात्रों के असंतोष को दबाने की कोशिश के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की. जारी बयान के मुताबिक, "तानाशाही का परिचय देते हुए जामिया प्रशासन ने परिसर को बंद कर दिया, सभी गेट बंद कर दिए और छात्रों को अंदर आने और बाहर निकलने से रोक दिया गया. जब छात्रों ने इस दमनकारी कदम पर सवाल उठाया और गेट पर बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए, तो प्रशासन को दबाव में झुकना पड़ा और गेट खोलना पड़ा." 

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'छात्रों की आवाज दबाने की गई कोशिश'

विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विधेयक के खिलाफ भाषण दिए और सरकार पर वक्फ संपत्तियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. विरोध के तौर पर उन्होंने विधेयक की प्रतियां जलाईं. प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्विद्यालय परिसर के अधिकारियों ने सुरक्षा कर्मियों को लगातार सीटी बजाने के निर्देश देकर उनके प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की, जिसे उन्होंने "छात्रों की आवाज दबाने की हताश कोशिश" करार दिया.

आइसा के बयान में कहा गया है कि "सांप्रदायिक और असंवैधानिक विधेयक के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहेगी. पहले से कहीं ज्यादा जोरदार तरीके से, पूरी मजबूती के साथ और एकजुट होकर इसका विरोध करेंग." इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पुलिस तैनात की गई थी, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. 

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