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Arshad Madani on I Love Mohammad: देश भर में 'I Love Mohammad' पोस्टर को लेकर हंगामा मचा हुआ है. कई राज्यों में लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं. इस बीच लोग अपने गाड़ियों पर I Love Mohammad लिख रहे हैं. ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ियों पर I Love Mohammad स्टिकर लगाने वालों पर जुर्माना लगाया है. इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने हाल ही में मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि लोग जगह-जगह 'I Love Mohammad' के पोस्टर, बैनर और गाड़ियों पर स्टीकर लगाने से परहेज करें.
मौलाना मदनी ने कहा कि असली मोहब्बत दिखावे में नहीं, बल्कि दिलों में और अमल में होनी चाहिए. नबी-ए-पाक मोहम्मद साहब (SAW) से सच्ची मोहब्बत वही है, जब इंसान उनकी बताई हुई सुन्नतों पर चले और उनके रास्ते पर अमल करे. दूसरे लोगों ने भी जमीयत प्रमुख के इस बयान का समर्थन किया है.
'I Love Mohammad' पर कानपुर के लोगों ने क्या कहा?
कानपुर निवासी मोहम्मद ज़ैद, मोहम्मद ज़ीशान चिश्ती, ज़ीशान खान, मोहम्मद इफ्तिखार और मोहम्मद हारून जैसे कई लोगों ने कहा कि जमीयत चीफ मौलाना अरशद मदनी ने बिल्कुल सही कहा है. इन लोगों का कहना है कि आज के नौजवान जोश में आकर जगह-जगह 'I Love Mohammad' के बैनर, पोस्टर और स्टीकर लगा रहे हैं, लेकिन असली मोहब्बत का मतलब यह नहीं है. मोहब्बत का असली रूप नबी-ए-पाक की सीरत और सुन्नतों पर चलने में है, न कि सिर्फ नारे लगाने या दिखावा करने में.
जानें लोगों ने क्या कहा?
कई दूसरे लोगों ने कहा कि गाड़ियों पर या सड़कों पर ऐसे स्टीकर और पोस्टर लगाने से कभी-कभी बेअदबी की नौबत आ सकती है. इसलिए बेहतर यही है कि मोहब्बत दिलों में रखी जाए और उसे अपने अच्छे किरदार और अमल से साबित किया जाए. लोगों का कहना है कि मोहम्मद साहब (SAW) से सच्चा इश्क वही है, जब इंसान ईमानदारी, सच्चाई और इंसाफ के रास्ते पर चले, जैसा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में सिखाया.