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Jamiat Ulema E Hind Meeting on Waqf: जमीअत उलेमा जिला सहारनपुर के जरिए जामिया जैनब गर्ल्स यूनिवर्सिटी, कासिम पुरा, देवबंद में वक्फ बिल, वक्फ संपत्ति की सुरक्षा और उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेश से मुताल्लिक एक खास सेशन मुनाअकिद किया गया. इस प्रोग्राम में अलग-अलग फील्ड से बड़ी तादाद में उलेमा ने शिरकत की.
कार्यक्रम की प्रारंभिक रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मौलाना क़ासमी ने देवबंद परियोजना के अंतर्गत चल रही एक्टिविटीज पर रोशनी डाली और कहा कि चार क्षेत्र- धार्मिक शिक्षा बोर्ड, जमीयत यूथ क्लब और जन विकास सेवा एवं सहायता क्लब - जमीयत के ऐसे मंच हैं जिनके जरिए से धार्मिक शिक्षा, समाज सेवा और युवाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था एकीकृत रूप से संचालित की जा रही है.
इस दौरान उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी हमारे बुजुर्गों की अमानत हैं, जो मुल्क के मज़हबी और तालीमी वजूद के लिए वक्फ की गई थीं. आज, जब सरकार वक्फ प्रॉपर्टी के खिलाफ साजिशें रच रही हैं, तो यह ज़रूरी है कि हम सभी एक मंच पर एकजुट हों और अपनी अमानतों की हिफाजत करें.
ख़तरे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम उम्माह की बेदारी का राज़ तालीम और ईमान की हिफाज़त में है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हर मस्जिद में एक स्कूल की स्थापना ज़रूरी है और मस्जिद, मदरसे या घर के सभी दस्तावेज़ों को क़ानूनी तौर पर सुरक्षित रखना समय की मांग है. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दीनी मदारिस को मज़बूत करने से ही अखलाक की बुनियाद मज़बूत होगी.
जमीयत उलेमा हिंद के धार्मिक शिक्षा बोर्ड के महासचिव मुफ्ती मुहम्मद सलमान मंसूर ने कहा कि वक्फ की जमीनें हमारे महापुरुषों की कु्र्बानियों की यादगार हैं, लेकिन इस मामले में सरकार की मंशा ठीक नहीं है. अगर हम लापरवाही करते हैं, तो ये बहुमूल्य संपत्तियां खतरे में पड़ सकती हैं. इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम जागरूकता के साथ उम्मीद पोर्टल पर अपने सभी वक्फ पंजीकरण प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें.