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Udaipur File Flop: मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने औरक धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इल्जाम झेल रही फ़िल्म 'उदयपुर फ़ाइल्स' बॉक्स ऑफ़िस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई है. इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ जमीयत उलेमा-ए-हिंद मौलाना अरशद मदनी की क़ानूनी लड़ाई के बाद फ़िल्म के निर्माता को इसमें से 61 आपत्तिजनक दृश्य हटाने पड़े, जिसके बाद फिरकापरस्तों के पास फ़िल्म देखने के लिए कोई ज़हरीली सामग्री या मसाला नहीं बचा, जिससे फ़िल्म को काफ़ी नुक़सान हुआ.
पिछले तीन दिनों में फ़िल्म ने सिर्फ़ 27 लाख का कारोबार किया, हालांकि फ़िल्म के निर्माता दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दावा कर रहे थे कि लोग उनकी फ़िल्म देखने के लिए बेताब हैं और देशभर में लाखों टिकट एडवांस में बुक हो चुके हैं.
माना जा रहा है कि इन सीन हटाने के बाद फिल्म एकदम बेजान हो चुकी है और सांप्रदायिकतावादियों को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. इस नफ़रत भरी फ़िल्म के निर्माता अमित जानी भी अब सांप्रदायिकतावादियों से शिकायत कर रहे हैं कि उन्होंने इसे न देखकर फ़िल्म को नुकसान पहुंचाया है.
X पर एक पोस्ट में, अमित जानी ने दावा किया कि वह लोगों से 'उदयपुर फ़ाइल्स' देखने की अपील इसलिए कर रहे थे क्योंकि वह चाहते थे कि कपिल सिब्बल जैसे वकील के सामने हरीश साल्वे जैसे वकील को अदालतों में पेश किया जाए. गौरतलब है कि कपिल सिब्बल ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रतिनिधित्व किया था.
उदयपुर फाइल्स टेलर कन्हैया कुमार की हत्या पर बनी है. जिन्हें 2 लोगों ने सरेआम वीडियो बनाते हुए उनकी ही दुकान पर कत्ल किया था. ये अटैक नुपूर शर्मा के बयान का समर्थन करने के बाद किया गया, जिसमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. आरोप लगे कि इस फिल्म में मुस्लिम समुदाय को लेकर कई तरह के आपत्तिजनक सीन है. यानी ये फिल्म कन्हैया लाल की हत्या से ज्यादा एक समुदाय के खिलाफ दिखती थी.