Jamui Vidhan Sabha Chunav Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तस्वीर काफी हदतक साफ होती नजर आ रही है. शुरूआती रूझानों में NDA के घटक दलों को भारी बढ़त मिल रही है. इस बार विधानसभा चुनाव में कई सियासी दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. उन्हीं में से एक हैं पूर्व मंत्री मोहम्मद शमसाद आलम. आइये जानते बिहार का सियासी समीकरण.
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Jamui Assembly Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तस्वीर काफी हदतक साफ होती नजर आ रही है. शुरूआती रूझानों में NDA के घटक दलों को भारी बढ़त मिल रही है. इस बार विधानसभा चुनाव में कई सियासी दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. उन्हीं में से एक हैं पूर्व मंत्री मोहम्मद शमसाद आलम. जमुई विधानसभा सीट से महागठबंधन की सीट शेयरिंग के तहत मोहम्मद शमसाद आलम राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार हैं.
मोहम्मद शमसाद आलम, नीतीश कुमार की पहली एनडीए सरकार में RJD के कोटे से कैबिनेट मंत्री थे. यही वजह है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जमुई सीट सबसे ज्यादा सुर्खियों में बनी हुई है. RJD के मोहम्मद शमसाद आलम का सीधा मुकाबला BJP की श्रेयसी सिंह से है. शमसाद आलम लंबे समय से सक्रिय नेता हैं और पूर्व मंत्री रह चुके हैं. वे RJD के 18 मुस्लिम उम्मीदवारों में एक प्रमुख चेहरा हैं.
BJP-RJD ने झोंकी पूरी ताकत
जमुई सीट पर RJD ने इस बार चुनाव प्रचार के दौरान खास तौर पर मुस्लिम-यादव वोट बैंक, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और विकास के मुद्दों पर जोर दिया था. जमुई में 10 से 14 फीसदी मुस्लिम वोटर्स हैं. सियासी जानकार मुस्लिम-यादव वोट बैंक के आधार पर RJD प्रत्याशी की स्थिति मजबूत मान रहे थे, लेकिन ताजा रूझानों में वर्तमान विधायक श्रेयसी सिंह बढ़त बनाए हुए हैं.
बता दें, जमुई विधासनभा सीट पर BJP की ओर से श्रेयसी सिंह मैदान में हैं. श्रेयसी सिंह ने साल 2020 के चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर चुकी हैं. उन्हें पिछली बार 79,603 वोट मिले थे, जबकि RJD उम्मीदवार को 38,554 वोट मिले थे. श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी और एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट शूटर हैं, इसलिए उनका सामाजिक और सियासी बैकग्राउंड काफी मजबूत माना जाता है.
12 उम्मीदवार ठोक रहें हैं ताल
जमुई सीट से इस बार कुल 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन मुकाबला असली तौर पर श्रेयसी सिंह और मोहम्मद शमसाद आलम के बीच ही सिमटा है. आज (14 नवंबर) की मतगणना के शुरुआती रुझानों में BJP उम्मीदवार श्रेयसी सिंह बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि RJD उम्मीद कर रहा है कि नतीजों में बदलाव हो सकता है. अंतिम परिणाम आने बाकी हैं, इसलिए दोनों ही दलों की नजरें हर अपडेट पर टिकी हैं.
जमुई में इन मुद्दों पर हुई रिकॉर्ड वोटिंग
इस बार जमुई ने मतदान के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है. यहां 67.81 फीसदी मतदान हुआ है, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी ज्यादा है. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घरों से निकलकर वोट डालने के पीछे कई अहम वजहें रही हैं. जमुई लंबे समय से पिछड़ा इलाका माना जाता है. रोजगार की भारी कमी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग और विकास की उम्मीदों ने लोगों को बड़ी संख्या में मतदान केंद्र तक पहुंचाया.
ग्रामीण इलाकों में वोटिंग खास तौर पर ज्यादा रही, जिससे यह साफ होता है कि लोग बदलाव चाहते हैं और इस बार चुनाव को लेकर बेहद गंभीर थे. अब नतीजे तय करेंगे कि जमुई की जनता ने किसकी बात पर भरोसा जताया. RJD के विकास और बेरोजगारी के मुद्दे पर या फिर BJP के स्थायी आधार और श्रेयसी सिंह की लोकप्रियता पर. इस रिकॉर्ड वोटिंग के बाद नतीजे और भी ज्यादा दिलचस्प होने वाले हैं.
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