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Bihar Election Muslim Representation: भारत की राजनीति में जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सादारी के स्लोगन खूब लगाए जाते हैं. भारत की मौजूदा सरकार में मुस्लिम समुदाय से एक भी सांसद या मंत्री नहीं है. जबकि, भारत की कुल आबादी का लगभग 15 परसेंट हिस्सा मुस्लिम समाज है. दरअसल, बिहार में विधानसभा चुनाव के तारीख का ऐलान कर दिया गया है. इसी कड़ी में बिहार की एक नई राजनीतिक पार्टी जन सुराज के एक बड़े नेता ने ऐलान किया है कि जन सुराज, मुस्लिम समाज को उनकी आबादी के हिसाब से राजनीति में हिस्सेदारी देगा.
पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की अगुवाई में जन सुराज का गठन किया गया. अब यह पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में भाग लेने का ऐलान किया है. इसी कड़ी में जन सुराज के वरिष्ठ नेता मोनाजिर हसन ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि जन सुराज मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक शक्ति देने के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध है.
मोनाजिर हसन ने कहा कि जन सुराज ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि वह मुसलमानों को 40 सीटें देगा, जो राज्य में मुसलमानों की आबादी के हिसाब से हैं. मोनाजिर हसन ने इस बात पर जोर देकर कहा कि आज तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कांग्रेस और अन्य कथित सेक्युलर दलों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने हमेशा मुसलमानों की भावनाओं से खेला और सत्ता हासिल की, लेकिन मुस्लिम समाज को कभी राजनीतिक नेतृत्व का अधिकार नहीं दिया.
मोनाजिर हसन ने आगे कहा कि अगर मुस्लिम समाज के लोग वाकई अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं और सदन में अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रशांत किशोर और जन सुराज का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जन सुराज सिर्फ वादे नहीं करता, बल्कि व्यावहारिक प्रतिनिधित्व का अवसर देता है. मोनाजिर हसन ने मुस्लिम समाज के नौजवानों से राजनीतिक जागरूकता दिखाने की अपील की है. साथ ही उन्होंने कथित सेक्युलर पार्टियों को मुस्लिम समाज से अलग करने की अपील की. उन्होंने कथित सेक्युलर पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे मुस्लिम समाज को आगे बढ़ाने के बजाए, पीछे धकेलने का काम किए हैं. मोनाजिर हसन ने कहा कि अब मुसलमानों के नेतृत्व में आने का वक्त आ गया है.