)
Uttar Pradesh News: भारत में मुस्लिम समाज से नफरत का रास्ता राजनीतिक बयानबाजियों से होते हुए अस्पताल ऑपरेशन हॉल तक पहुंच चुका है. अस्पताल जहां बिना भेदभाव के लोगों के जीवन को बचाने का काम किया जाता है और लोग डॉक्टर को फरिश्ता मानते हैं, वहां पर अब मुस्लिम होने की वजह से मरीज को भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के जौनपुर महिला जिला अस्पताल में एक महिला मरीज शमा परवीन ने एक महिला डॉक्टर पर गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि मुस्लिम होने की वजह से आरोपी डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया है. आरोपी महिला डॉक्टर ने कहा कि शमा परवीन को मैं नहीं देखूँगी. साथ ही आरोपी डॉक्टर पर इल्जाम है कि वह किसी भी मुस्लिम मरीज का इलाज करने से साफ मना कर दिया. आरोपी महिला डॉक्टर ने शमा परवीन के लिए यह भी कहा कि इसे ऑपरेशन थिएटर में नहीं ले जाना.
इस घटना के बाद जौनपुर महिला जिला अस्पताल के प्रशासन ने डॉक्टर से इस इल्जाम के संबंध में जवाब मांगा है. बता दें कि शमा परवीन चंदवक की रहने वाली है. इनको जौनपुर जिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती कराया गया था. शमा परवीन ने बताया कि बीते 30 सितंबर को अस्पताल में आरोपी महिला डॉक्टर ने सभी मरीजों का इलाज किया, लेकिन मुस्लिम होने की वजह से उसका इलाज नहीं किया गया.
इस मामले पर जौनपुर महिला जिला अस्पताल के CMS महेंद्र गुप्ता ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और आरोपी डॉक्टर और स्टाफ से जवाब मांगा है.
गौरतलब है कि ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल से सामने आ चुका है. यह घटना पश्चिम बंगाल के चर्चित डॉक्टर सीके सरकार के क्लिनिक में हुई. यहां सात महीने की गर्भवती महिला महफूजा खातून कई महीनों से इलाज करवा रही थी. लेकिन पहलगाम हमले के बाद महफूजा जब क्लिनिक में प्री-नेटल चेकअप के लिए पहुंची तो डॉक्टर ने सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से महफूजा का इलाज नहीं किया. साथ ही डॉक्टर ने कहा कि तुम लोगों ने पहलगाम में हिंदुओं को जिस तरह मारा है, उसी प्रकार तुम लोगों को भी मर जाना चाहिए.