JDU Stance on Waqf Amendment Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल देर रात 232 के मुकाबले 288 वोटों से पारित हो गया. एनडीए में शामिल जेडीयू ने सदन में वक्फ बिल के समर्थन में वोट किया, जिसके बाद पार्टी के मुस्लिम नेताओं में काफी नाराजगी है और उन्होंने इस पर जल्द बड़ा फैसला लेने का ऐलान किया है.
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Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल देर रात लोकसभा में पारित हो गया. इस बिल पर सत्तारुढ़ एनडीए में शामिल जेडीयू, टीडीपी, एलजेपी (रामविलास) और आरएलडी ने समर्थन जताया. इन सियासी दलों के जरिये कई मंचों से वक्फ बिल के खिलाफ लगातार विरोध करने के बावजूद इसके पक्ष में लोकसभा में वोट करने से वावेला मच गया. इन पार्टी के नेताओं ने बागी तेवर दिखाना शुरू कर दिया.
इसी कड़ी में लोकसभा में वक्फ बिल का समर्थन करने पर जेडीयू के कई सीनियर नेताओं के सुर बागी हो गए हैं. जेडीयू के मुस्लिम नेताओं ने इस मुद्दे पर जल्द बड़ा फैसला लेने का ऐलान किया है. जिनमें विधान पार्षद खालिद अनवर और गुलाम गौस, राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी, अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सलीम परवेज, पूर्व सांसद अशफाक करीम और अशफाक अहमद ने पार्टी के इस रुख पर नाराजगी का इजहार किया है.
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, गुलाम रसूल बलियावी समेत कई नेता जल्द ही पार्टी छोड़ने का फैसला ले सकते हैं. गुलाम रसूल बलियावी ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़ा करते हुए कहाकि वक्फ संशोधन बिल पर पार्लियामेंट में सेक्यूलर और कॉम्यूनल कौन है, सब नंगे हो गए हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल कॉपी आते ही तुरंत मीटिंग बुलाई जाएगी. जेडीयू के मुस्लिम एमएलसी गुलाम गौस लगातार बिल को वापस लेने की मांग करने रहे हैं, जबिक सलीम परवेज ने सीएम नीतीश से मुलाकात करने अपना दर्द बयां करने की बात कही हैं. उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम संगठनों के साथ हैं.
ढाका से जेडीयू प्रत्याशी रहे और पार्टी के सीनियर नेताओं में शुमार डॉ मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. मोहम्मद कासिम अंसारी ने लिखा कि वक्फ संशोधन बिल के ताल्लुक से जेडीयू के स्टैंड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित मुसलमानों और कार्यकर्ताओं को गहरा धक्का लगा है.
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले मुस्लिम नेताओं के बागी तेवर अपनाने से जेडीयू को बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेजे गए अपने इस्तीफे में मोहम्मद कासिम अंसारी ने लिखा कि हम जैसे लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानों पुख्ता यकीन था कि आप सेक्यूलर विचारधारा परचम बरादर हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया.
पूर्वी चंपारण सह जिला प्रवक्ता और ढाका 21 विधानसभा से जेडीयू प्रत्याशी रहे डॉक्टर कासिम अंसारी ने सीएम को मुखातिब करते हुए अपने इस्तीफे में लिखा, "लोकसभा में ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज में बयान देते हुए इस बिल का समर्थन किया, उससे काफी दुख हुआ." इसमें आगे लिखा गया है कि "वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के खिलाफ है, हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं. यह बिल संविधान के मौलिक अधिकारों का हनन करता है."
कासिम अंसारी ने कहा, "इस बिल के जरिये से भारतीय मुसलमानों को जलील और रूसवा किया जा रहा है. साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है. जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है." उन्होंने कहा, "मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी के कई साल पार्टी को दिया."
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