Bihar JEE Mains Topper: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बीते दिनों दोनों सेशन के आधार पर जेईई मेंस का रिजल्ट जारी किया है. पिछली साल के मुकाबले इस बार 100 फीसदी परसेंटाइल हासिल करने वालों की संख्या कम रही है. मधुबनी जिले के रहने वाले अब्दुल्ला ने 99.99 फीसदी स्कोर कर जेईई मेंस में बिहार के टॉपर बने.
Trending Photos
)
Bihar News Today: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने हालिया दिनों जेईई मेंस का रिजल्ट जारी कर दिया है. देश के सबसे प्रतिष्ठिति इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में पहले और दूसरे सत्र के आधार पर जारी ऑल इंडिया रैंक के मुताबिक 24 छात्रों ने सौ फीसदी परसेंटाइल हासिल कियी. पिछले साल के मुकाबले सौ फीसदी परसेंटाइल हासिल करने छात्रों की संख्या इस बार कम है. साल 2024 में 54 छात्रों सौ फीसदी परसेंटाइल हासिल किया.
बिहार के छात्रों का जेईई मेंस रिजल्ट जलवा देखने को मिला है. मधुबनी के रहने वाले अब्दुल्ला ने जेईई मेंस में 99.99 फीसदी स्कोर हासिल कर बिहार के स्टेट टॉपर बने. रिजल्ट आने के बाद अब्दुल्ला के घर खुशी की लहर दौड़ गई और उनके घर इलाके और रिश्तेदारों की तरफ से बधाई देने वालों का तांता लग गया. अब्दुल्ला ने इस कामयाबी का सेहरा अपने वालिदैन और टीचर्स को दिया.
अब्दुल्ला का ताल्लुक मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के औंसी बिचला टोला से है. उनके वालिद साबिर हुसैन पेशे से टीचर हैं. बेटे की जेईई मेंस में 99.99 फीसदी परसेंटाइल लाकर स्टेट टॉपर बनने पर साबिर हुसैन ने खुशी का जताई है. उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला ने सौ फीसदी नंबर हासिल कर पूरे जिले और इलाके का नाम रौशन किया है, हमें उसकी इस कामयाबी पर फख्र है.
अब्दुल्ला के वालिद साबिर हुसैन औंसी गोठ में नियोजित टीचर हैं और मां हाउस वाइफ हैं. उनके चाचा नूर आलम मध्य विद्यालय बभनगामा में टीचर हैं. स्टेट टॉपर बनने पर अब्दुल्ला ने इस कामयाबी के लिए अपनी वालिदैन, चाचा नूर आलम और टीचर्स को दिया है. उन्होंने अपनी शुरूआती तालीम गांव के ही पब्लिक स्कूल से हासिल की. इंटर की पढ़ाई दरभंगा से हासिल की और 12वीं पास करने के बाद इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा का रुख किया.
जेईई मेंस में बिहार का स्टेट टॉपर बनने पर अब्दुल्ला ने अपने अगला आईआईटी बताया और कहा कि उनका अगला टार्गेट आईआईटी में अव्वल आना है. उन्होंने कहा कि मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है. फैमिली बैकग्राउंड तालीम से जुड़ा होने की वजह से अब्दुल्ला को पढ़ाई का एक अच्छा माहौल मिला. उनकी एक चचेरी बहन नीट में सफल होकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. अब्दुल्ला की इस उपलब्धि पर परिवार सहित इलाके में खुशी है और बड़ी संख्या में लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं.
मुस्लिम माइनॉरिटी की ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें https://zeenews.india.com/hindi/zeesalaam