Uttar Pradesh News: मणिपुर की रहने वाली ईसाई समुदाय की युवती टेरेसा उत्तर प्रदेश के झांसी में मसाज सेंटर में काम करती थी. टेरेसा की शादी दस वर्ष पहले जॉन नाम के एक युवक से हुई थी. लेकिन झांसी में काम करने के दौरान टेरेसा अपनी दोस्त जोया के भाई के साथ रिलेशनशिप में थी. इसी बीच टेरेसा की मौत हो गई. टेरेसा के पति और परिवार वालों को जानकारी दिए बिना बॉयफ्रेंड ने टेरेसा की शव को दफनाने के लिए कानपुर ले गया, वहां की कब्रिस्तान में दफनाने की इजाजत न मिलने के बाद झांसी ले गया. यहां कब्रिस्तान कमेटी से विवाद होने के बाद पूरा मामला सामने आया. टेरेसा के पति और परिवार वालों ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम की मांग की. पुलिस ने टेरेसा की शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ले गई. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित जीवनशाह कब्रिस्तान पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक ईसाई समुदाय की युवती का शव दफनाने के लिए लाया गया. मृतिका का बॉयफ्रेंड शव को दफनाने के लिए लेकर आया था, संबंधित कब्रिस्तान के गार्ड ने शव दफनाने से पहले आईडी कार्ड मांगा. लेकिन उसने आईडी कार्ड देने से मना कर दिया. मामला बढ़ने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर चली गई.
जीवनशाह कब्रिस्तान कमेटी के सदर मोहम्मद इमरान खान ने बताया आज हमारे चौकीदार ने फोन करके मामले की जानकारी दी. सूचना मिलने पर मोहम्मद इमरान खान कब्रिस्तान पहुंचे और बिना आईडी प्रूफ के शव दफनाने से मना कर दिया. मोहम्मद इमरान खान ने बताया कि अभी तक यह मालूम नहीं था कि जिस मृतिका के शव को दफनाने के लिए लाया गया है कि वह ईसाई समुदाय की है. उन्होंने बताया कि बाद में पता संबंधित महिला मुस्लिम समाज से नहीं है. उन्होंने बताया कि पहले ये लोग शव को लेकर कानपुर चुंगी कबिस्तान पर गए, वहां भी शव को दफनाने नहीं दिया गया, तब जाकर यह इस कब्रिस्तान में आए हैं.
परिवार वालों ने किया पोस्टमार्टम की मांग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ही देर में दिल्ली से मृतका का पति और परिजन भी पहुंच गए और मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा करने लगे. परिजनों ने मौत पर शक जाहिर करते हुए पोस्टमार्टम कराने की बात कही और पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभाली और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मृतिका टेरेसा मसाज सेंटर में करती थी काम
बताया जा रहा है कि मृतिका 30 साल की सिम्मी उर्फ टेरेसा मणिपुर की निवासी है, जिनकी शादी 10 साल पहले जॉन से हुई थी. दोनों दिल्ली में रहते थे. नवंबर 2025 में टेरेसा झांसी आ गई और सीपरी बाजार नंदनपुरा के पास मसाज स्पा पार्लर में काम करने लगी थी. वहीं जोया नाम की एक महिला भी काम करती थी. दोनों के बीच दोस्ती हो गई और टेरेसा अपनी सहेली जोया के घर पर रहने लगी.
मृतिका पति के अलावा दूसरे युवक के साथ रिलेशनशिप में थी
इसी बीच जोया के भाई से उसकी दोस्ती हो गई. ये दोस्ती प्यार में बदल गई, फिर दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे थे. जोया ने बताया कि टेरेसा की दस दिन से तबीयत खराब थी. फोन से उसके घरवालों को जानकारी दी. तब पति ने कहा कि मैं नहीं आ सकता, पैसे नहीं है. हम लोगों ने उसे अस्पताल में भी दिखाया. बुधवार (15 अप्रैल) को भी दवा लेकर आए थे, लेकिन शाम करीब 6 बजे टेरेसा की मौत हो गई. इसकी भी सूचना पति को फोन करके दे दी थी. आज हम लोग शव को कब्रिस्तान इसलिए लेकर आये, अगर घरवाले शव की नहीं ले जाएंगे। तो कब्र खुदवाकर उसे दफना देंगे.
मृतिका के पति जॉन ने क्या बताया?
मृतिका के पति जॉन के दोस्त अमन सिंह ने बताया कि हम लोग दिल्ली में रहते हैं और जॉन हमारा पड़ोसी है. उनकी पत्नी झांसी में रहकर मसाज सेंटर में काम करती थी. यहां उसकी एक युवक से दोस्ती हो गई, फिर दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे. जॉन ने कहा "मेरी पत्नी की झांसी में मौत हो गई. जब हम लोग रास्ते में थे तब कई बार फोन कॉल आए कि शव को दफना रहे हैं. हम लोग मना करते रहे. जब यहां पहुंच कर देखा तो शव कब्रिस्तान के बाहर रखा था. उसे दफनाने की तैयारी चल रही थी. मेरा दोस्त जॉन क्रिश्चियन है, इसलिए शव को चर्च ले जाना चाहिए था. लेकिन मुस्लिम समाज के कब्रिस्तान में गलत तरीके से दफनाया जा रहा था. और साथ में बॉयफ्रेंड और उसकी बहन भी थी. अगर थोड़ी लेट हो जाते तो ये लोग शव दफना देते हैं. हम चाहते हैं कि शव का पोस्टमार्टम हो ताकि मौत कारण सामने आ सके. इन लोगों ने उस पर ऊपरी साया बताया था। लेकिन कुछ न कुछ गड़बड़ है."