Jim Corbett National Park Controversy: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में जिप्सी चालकों और गार्जिया चौकी इंचार्ज में विवाद के बाद तनाव फैल गया है. जिप्सी चालकों ने चौंकी इंचार्ज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ऐसा न होने पर पर्यटन सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है.
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Uttarakhand News Today: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के रामनगर कॉर्बेट लैंडस्केप में हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने पहुंचते हैं. रामनगर कॉर्बेट लैंडस्केप के सीतावनी पर्यटन जोन से पर्यटकों को घुमा कर लौट रहे एक जिप्सी चालक ने गार्जिया चौंकी इंचार्ज पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए. इस घटना की सूचना मिलते ही जिप्सी चालक समुदाय भड़क गया. जिप्सी चालक की पहचान आशिफ के रुप में हुई है.
इस घटना के बाद रविवार(25 मई) की देर रात जिप्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश छिम्वाल की अगुवाई में बड़ी संख्या में ड्राइवर रामनगर कोतवाली पहुंचे और आरोपी चौकी इंचार्ज को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पर्यटन सेवाएं ठप करने के लिए बाध्य होगा.
पीड़ित चालक आशिफ का कहना है कि वह पर्यटकों को छोड़ने के बाद लौट रहा था, तभी गार्जिया चौकी के इंचार्ज ने उसे बगैर किसी वजह के रोक लिया और उसके साथ मारपीट की. आशिफ का आरोप है कि घटना के समय गार्जिया चौकी इंचार्ज बिना वर्दी के थे. जैसे ही घटना की खबर अन्य चालकों को हुई तो नाराज हो गए और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
जिप्सी चालक संघ का कहना है कि वे वन पर्यटन की रीढ़ की हड्डी हैं और इस तरह का अनुचित व्यवहार न सिर्फ मनोबल गिराता है बल्कि पर्यटन व्यवस्था को भी प्रभावित करता है. जिप्सी संघ ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर चौकी इंचार्ज को हटाकर जांच शुरू नहीं हुई, तो वे सभी जिप्सी सेवाओं को ठप कर देंगे और धरना-प्रदर्शन करेंगे.
घटना को लेकर अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. जिप्सी चालक और गार्जिया चौकी इंचार्ज के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाद के बढ़ने से पर्यटन व्यवस्था पर बड़े स्तर पर असर पड़ने की आशंका है. स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो.
जिप्सी चालक भी आरोपी चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अड़े हुए हैं. उनका कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा, वह पीछे नहीं हटेंगे. स्थानीय लोगों के साथ जिप्सी संघ की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई हैं. कुछ लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि प्रशासन इस मामले को दबा देगा.
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