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Jammu Kashmir News Today: जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के MBBS एडमिशन को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का सोमवार (24 नवंबर) को बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा कि सेलेक्शन पूरी तरह मेरिट के आधार पर हुआ है, इसमें किसी भी मजहब या समुदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया गया है.
हिंदूवादी संगठनों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब विधानसभा ने माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी स्थापित करने का बिल पास किया था, तब कहीं यह नहीं लिखा था कि किसी खास समुदाय के लड़के-लड़कियों को बाहर रखा जाएगा. उन्होंने कहा, "यूनिवर्सिटी में एडमिशन मेरिट के आधार पर होगा, मजहब के आधार पर नहीं होगा. अगर किसी को मेरिट हटाकर एडमिशन कराना है, तो सुप्रीम कोर्ट जाएं. सेक्युलरिज्म संविधान का हिस्सा है. अगर देश को सेक्युलर नहीं रखना चाहते तो संविधान से यह शब्द हटा दें."
सीएम ने बीजेपी नेता सुनील शर्मा को दी कानून पढ़ने की सलाह
इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा को सख्त नसीहत दी. उन्होंने कहा, "सुनील शर्मा को विधानसभा के उस एक्ट को पढ़ना चाहिए जिसमें स्पष्ट लिखा है कि एडमिशन मेरिट पर होगा. जिन छात्रों ने मेरिट पर सीट हासिल की है, उनका क्या कसूर है? अगर ऐसा है तो साफ कहें कि मुसलमानों का इलाज माता वैष्णो देवी अस्पताल में नहीं होगा."
हिंदू संगठन और बीजेपी के लोग क्यों हैं नाराज?
विवाद तब शुरू हुआ जब नए MBBS बैच की 50 सीटों में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों का एडमिशन हुआ. इसकी जानकारी मिलते ही कट्टरपंथी हिंदूवादी संगठन और बीजेपी नेता भड़क गए. उन लोगों ने मुस्लिम छात्रों के एडमिशन 'अनुचित' करार दिया. उन लोगों ने दावा किया कि यह हिंदू भक्तों की भावनाओं से टकराव है. इसके बाद मामला गर्मा गया और BJP सहित कई हिंदुत्व संगठनों ने मांग की कि MBBS सीटें सिर्फ हिंदू उम्मीदवारों के लिए ही आरक्षित की जाएं.
BJP नेताओं ने LG से की शिकायत
बीते दिनों बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा हिंदुत्व संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिले और 'कम्युनिटी इम्बैलेंस' की शिकायत की. सुनील शर्मा ने कहा कि इस एडमिशन प्रक्रिया से माता वैष्णो देवी के श्रद्धालु और हिंदू समुदाय के लोग 'आहत और नाराज' हैं.