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Jubilee Hills Bypoll Election 2025: बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनावी सेज सज चुकी है. सत्ता के केंद्र तक पहुंचने के लिए सभी दल गठजोड़ करने में जुटे हैं. एनडीए के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर मामूली उठापटक देखने को मिला. हालांकि, अब विवाद थमता नजर आ रहा है. दूसरी तरफ महागठबंधन के घटक दलों में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति नहीं बनी. कई जगहों पर RJD-कांग्रेस में फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही है.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी RJD-कांग्रेस से महागठबंधन में शामिल करने की मांग की थी, लेकिन दोनों ही दलों ने AIMIM की इस मांग को खारिज कर दिया. कहा जाता है कि सियासत में कोई किसी का सगा नहीं होता है. इसका उदाहरण तेलंगाना में देखने को मिला, जब बिहार में महागठबंधन में शामिल किए जाने से इंकार के बावजूद AIMIM के एक फैसले ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है.
दरअसल, तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा ऐलान किया है. ओवैसी ने कांग्रेस उम्मीदवार वी. नवीन यादव का समर्थन करते हुए जनता से अपील की है कि वे विकास के मुद्दे पर मतदान करें. उन्होंने साफ कहा कि इस बार एआईएमआईएम जुबली हिल्स से अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: On Jubilee Hills by-election, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, "By-elections are going to take place in Jubilee Hills. Revanth Reddy is the Chief Minister of the state. Neither this by-election will form the government nor will it change the… pic.twitter.com/c42Z3CzEa9
— ANI (@ANI) October 21, 2025
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस मौके पर कहा, "जुबली हिल्स में उपचुनाव होने वाले हैं. रेवंत रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री हैं. यह उपचुनाव सरकार बनाने वाला नहीं है और न ही सरकार बदलने वाला है. दूसरी बात जुबली हिल्स के लोगों ने BRS के पूर्व विधायक को 10 साल का समय दिया, लेकिन उन्होंने इसका इस्तेमाल नहीं किया. जुबली हिल्स के किसी भी वार्ड में विकास नहीं हुआ."
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "वोटिंग सिर्फ विकास के आधार पर होनी चाहिए. AIMIM जुबली हिल्स से कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा कर रही है. हम लोगों से अपील करते हैं कि वे नौजवान नेता नवीन यादव (कांग्रेस उम्मीदवार) को वोट दें, ताकि वह जुबली हिल्स में विकास हो सके." उन्होंने कहा, "यह पार्टी का फैसला है. वर्तमान सरकार कम से कम ढाई से तीन साल सत्ता में रहेगी और यह उपचुनाव कोई बदलाव नहीं लाएगा. जब 2028 में विधानसभा चुनाव होंगे, तब आप देखेंगे कि AIMIM जुबली हिल्स में क्या करेगी."
जुबली हिल्स उपचुनाव में 11 नवंबर को मतदान होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. कांग्रेस ने यहां से वी. नवीन यादव को टिकट दिया है, जबकि बीआरएस ने मंगंती सुनीता को उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने लंकाला दीपक रेड्डी को मैदान में उतारा है. सुनीता मंगंती, पूर्व विधायक मंगंती गोपीनाथ की विधवा हैं. गोपीनाथ के निधन के कारण ही इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है.
मंगंती गोपीनाथ 2023 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जुबली हिल्स से विधायक बने थे. जून 2024 में उनका निधन हैदराबाद के एक अस्पताल में हुआ. 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें 80,549 वोट मिले थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अजहरुद्दीन को 16,337 वोटों के अंतर से हराया था.
टीवी नाइन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नवीन यादव दो बार जुबली हिल्स सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. एक बार उन्होंने एआईएमआईएम के टिकट पर और दूसरी बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. 2018 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उन्हें करीब 19,000 वोट मिले थे. 2023 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अजहरुद्दीन के समर्थन में चुनाव से खुद को पीछे हटा लिया और इसके बाद कांग्रेस में शामिल हो गए.
कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने नवीन यादव को इस सीट का इलेक्शन इंचार्ज नियुक्त किया. नवीन यादव ने 2007 में सीएस आईआईटी, बेगमपेट (हैदराबाद) से बीए की पढ़ाई पूरी की. 2014 में वह मंगंती गोपीनाथ से हार गए थे, तब वह एआईएमआईएम के उम्मीदवार थे. 2018 में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा.
जुबली हिल्स में इस बार मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि एक ओर कांग्रेस को ओवैसी जैसे प्रभावशाली मुस्लिम नेता का समर्थन मिला है, वहीं दूसरी ओर बीआरएस और बीजेपी भी अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं. जनता इस बार किसे चुनती है, यह 14 नवंबर को साफ हो जाएगा.