Jamiat Ulema E Hind Meeting in Lucknow: जमीयत उलेमा-ए-हिंद की लखनऊ में आज हुई बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी ने मदरसों के सिलेबस में मॉडर्न एजुकेशन को शामिल किए जाने के फैसले का स्वागत किया. जानें क्या कुछ कहा?
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Lucknow News Today: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार (22 मई) को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की यूपी कमेटी की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी समेत संगठन के तमाम पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए. बैठक में उत्तर प्रदेश के मदरसों और मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़े मामलों पर चिंतन मंथन हुआ.
इस बैठक के दौरान योगी सरकार के जरिये नेपाल से सटे जिलों में मदरसों, मस्जिद, ईदगाह और मजारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर की जा रही कार्रवाई पर भी चर्चा हुई. मदरसों के ऊपर बुलडोजर की कार्रवाई को संविधान विरोधी बताया गया. लखनऊ में आज हुई बैठक के बाद मीयत उलेमा-ए-हिंद की अगली बैठक आजमगढ़ में आयोजित की जाएगी.
मदरसों से जुड़े मुद्दों पर होने वाली इस बैठक में मौलाना अरशद मदनी भी शामिल होंगे. वक्फ से जुड़े फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी ने कहा कि यह रूटीन मीटिंग है. उन्होंने कहा कि जो देश के हालात हैं, उसी को सामने रखकर चर्चा की जाती है और लोगों को बताया जाता है कि कैसे देश और समाज की सेवा की जाए.
संशोधित वक्फ कानून को लेकर मौलाना असद रशीदी ने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है और वहां चर्चा हो रही है. सुप्रीम कोर्ट में हमारे संगठन के वकील सबसे आगे हैं, अपनी बात मजबूती के साथ रख रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमें पूरा यकीन है कि संविधान में जो अल्पसंख्यकों को अधिकार दिए गए हैं, सुप्रीम कोर्ट उसकी रक्षा करेगा. सैयद असद रशीदी ने कहा कि वक्फ के मामले को लेकर हम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं."
नेपाल से सटे जिलों में मदरसों और मस्जिदों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर मौलाना असद रशीदी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. मौलाना असद रशीदी ने कहा, "संविधान से जो हमें अधिकार मिले हैं, यह उसमें सीधे तौर पर हस्तक्षेप है. अगर किसी मदरसे में कमी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए, मगर यहां धर्म के आधार पर सीधे टारगेट किया जा रहा है. यह पूरी तरीके से गलत है."
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी मदरसों के सिलेबस में बदलाव करते हुए मॉडर्न एजुकेशन को शामिल करने का ऐलान किया. प्रदेश सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद असद रशीदी ने कहा, "मदरसों में साइंस और मैथ्स पढ़ाये जाना चाहिए, यह एक सराहनी पहल है." उन्होंने कहा कि "मॉडर्न एजुकेशन अच्छी चीज है, इसे लागू होना चाहिए. इस दीन के साथ दुनिया भी बेहतर होगी."