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Kanpur News Today: उत्तर प्रदेश के कानपुर में ईद-ए-मिलादुन्नबी पर बारावफात के जुलूस के दौरान कुछ नौजवानों पर 'I love Muhammad' का बैनर- पोस्टर लगाकर नई परम्परा की शुरुआत करने और हिन्दू मोहल्ले में कथित तौर पर एक धार्मिक झंडे को नुक्सान पहुंचाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश के इलज़ाम में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में स्थानीय लोगों ने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके हफ्तेभर बाद पुलिस ने नौजवानों पर एफआईआर दर्ज की है.
इस विवाद की शुरुआत रावतपुर के सैय्यद नगर में 4 सितंबर से शुरू हुई, जब ईद-ए-मिलादुन्नबी पर बारावफात के जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक जगह पर 'I Love Mohammad' नाम से साइन बोर्ड लगाया था. इस साइन बोर्ड को देखकर स्थानीय हिन्दू समाज के नेता और कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा किया. लोगों ने इसे नई परंपरा बताते हुए इसका विरोध किया था.
हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या भारी पुलिस फोर्स जिला प्रशासन ने तैनात कर दिया गया था. घंटों तक चले तनावपूर्ण हालात के बाद साइन बोर्ड को हटा दिया गया. हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया कि बारावफात के जुलूस में शामिल कुछ नौजवानों ने गाड़ियों में सवार होकर हिन्दू मोहल्ले से गुज़रते वक़्त हिंदू धार्मिक पोस्टरों को फाड़ दिया.
पुलिस ने इस मामले में दरोगा पंकज शर्मा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में में शराफत हुसैन, सबनूर आलम, बाबू अली, मोहम्मद सिराज, रहमान, इकराम अहमद, इकबाल, बंटी, कुन्नू कबाड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
ADCP कपिल देव सिंह ने बताया कि पूरा मामला बारावफात के जुलूस से जुड़ा हुआ है. जब सैय्यद नगर के जफर वाली गली में समुदाय विशेष के लोगों ने एक बड़ा साइन बोर्ड लगाया था. उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को इस साइ बोर्ड को लेकर आपत्ति थी. बीते सालों में ऐसा कुछ नहीं था और यह नई परंपरा शुरू की गई है.
एडीसीपी कपिल देव सिंह ने बताया कि इस संबंध में शासन प्रशासन की तरफ से भी निर्देश मिला था कि इस मौके पर कोई नई परंपरा न शुरू होने पाए. उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि साइन बोर्ड लगाना नई परंपरा में शामिल था, जबकि यह भी आरोप लगाया गया था कि कुछ लड़कों के जरिये पोस्टर्स भी फाड़े गए थे. कपिल देव सिंह ने बताया कि इस मामले में हल्का इंचार्ज एसआई पंकज शर्मा की तहरीर पर 8 नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है.
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