BJP Leader Controversial Remarks on Muslim IAS: बीते दिनों मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था. वहीं, अब कर्नाटक में बीजेपी MLC एन रविकुमार ने मुस्लिम महिला आईएएस अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसने प्रदेश में सियासी तपिश बढ़ा दी है.
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Karnataka News Today: भारतीय जनता पार्टी समेत दूसरे सियासी दलों के नेताओं की बदजुबानी थमने का नाम नहीं ले रही है. हालिया दिनों मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में मंत्री विजय शाह के जरिये कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी की आंच अभी थमी नहीं थी कि कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य (MLC) एन रविकुमार ने भी एक मुस्लिम महिला आईएएस अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.
बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार ने 2014 बैच की आईएएस अफसर फौजिया तरन्नुम को लेकर कहा कि 'वह पाकिस्तान से आई हुईं लगती हैं'. फौजिया तरन्नुम वर्तमान में कलबुर्गी जिले में कलेक्टर के पद पर तैनात हैं. बीजेपी एमएलसी के इस विवादित बयान ने कर्नाटक समेत पूरे देश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. बीजेपी नेताओं के जरिये समुदाय विशेष को लेकर हालिया दिनों दिए गये बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के आरोप लगाए हैं.
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे को पद से हटाने की मांग करते हुए शनिवार (24 मई) को 'कलबुर्गी चलो अभियान' का आयोजन किया था. इसी अभियान के दौरान रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी एमएलसी एन रविकुमार ने मुस्लिम महिला आईएएस ऑफिसर फौजिया तरन्नुम पर विवादित और आपत्तिजक टिप्पणी की. एन रविकुमार ने फौजिया तरन्नुम पर आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सत्तारुढ़ दल कांग्रेस के प्रभाव में काम कर रही है.
मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक विधान परिषद सदस्य एन रविकुमार ने कहा, "कलबुर्गी डीसी ऑफिस ने अपनी आजादी गंवा दी है. ऐसे में डीसी मैडम वही सुन रही हैं, जो वो (कांग्रेस) कह रहे हैं." उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं पता कि डीसी (तरन्नुम फौजिया) पाकिस्तान से आई हैं या यहां आईएएस अधिकारी है." एन रविकुमार के इस विवादित बयान के बाद कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं.
बीजेपी का यह प्रदर्शन 21 मई को कलबुर्गी जिले में ही चित्तपुर गेस्ट हाउस में हुई घटना के विरोध में आयोजित किया गया था. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक गेस्ट हाउस को घेर लिया था, जहां विपक्ष के नेता चालावाड़ी नारायणस्वामी ठहरे हुए थे. बीजेपी ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि यह विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश थी. पार्टी नेताओं ने दावा किया कि यह कांग्रेस सरकार की राजनीतिक धमकी की नीति का हिस्सा है. बीजेपी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ऐसा न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.