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Lucknow News Today: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में 26 जनवरी 2018 को आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया. चंदन गुप्ता हत्या केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहा मुख्य आरोपी सलीम की मंगलवार (26 अगस्त) की देर रात लखनऊ के जेल मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सलीम की मौत किडनी से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई है.
लखनऊ जेल के अधिकारियों के जरिये दी गई जानकारी के मुताबिक, किडनी से जुड़ी समस्या की वजह से सलीम को डायलिसिस पर रखा गया था और हाल ही में इलाज के लिए कासगंज से लखनऊ जेल शिफ्ट किया गया था. जैसे ही इसकी जानकरी परिजनों मिली तो कोहराम मच गया. वे सलीम का शव लेने के लिए कासगंज से लखनऊ के लिए रवाना हो गए. पोस्टमॉर्टम के बाद सलीम का शव देर शाम तक कासगंज पहुंचने की उम्मीद है.
बता दें, साल 2018 में कासगंज में एक तिरंगा यात्रा निकाली गया, जिसकी अगुवाई चंदन गुप्ता कर रहा था. तिरंगा यात्रा के दौरान अचानक सांप्रदायिक यात्रा भड़क उठी थी. इसी दौरान चंदन की गोली लगने से मौत हो गई थी. पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी सुनवाई लखनऊ की स्पेशल एएनआई कोर्ट में हुई.
स्पेशल कोर्ट ने सबूती की कमी की वजह से दो आरियों को बरी कर दिया था, लेकिन बाकी के 28 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें लखनऊ जेल में आजीवन कारावास की सजा दी गई. जिसमें सलीम सबसे बड़े नाम के तौर पर शामिल था. जांच में उसे इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया था.
चंदन गुप्ता की मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सियासी उबाल देखा गया था. मृतक के अंतिम संस्कार में बीजेपी नेता भी शामिल हुए थे. वहीं, अब सलीम की मौत के बाद यह पूरा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. सलीम एक महीने पहले ही पैरोल पर जेल से बाहर आया था. जेलों में बंद लोगों की बीमारी, उनका इलाज और इंसाफ की आपाधापी में जेल के अंदर क्या होता है, अक्सर वही बाहर नजर नहीं आता. किडनी की बीमारी से पीड़ित सलीम का इलाज और फिर अचानक उसकी मौत, इस पूरे प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़ा करती है.