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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक जाने वाले रास्ते की चौरीकरण और अन्य प्रोजेक्ट के नाम पर लगातार मकान और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई हो रही है. इसी कड़ी में दालमंडी में भी दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई करने की तैयारी है. लेकिन VDA और PWD की कार्रवाई से पहले ही दालमंडी के दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद करके सड़क पर उतर गए और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
इन दुकानदारों की मांग है कि कार्रवाई से पहले इन्हें मुआवजा दिया जाए और पुनर्वास का इंतजाम किया जाए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वाराणसी में पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दालमंडी है. यहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रह है, लेकिन इसको लेकर दुकानदारों और प्रशासन के बीच विवाद खड़ा हो गया है.
सड़कार इस कार्रवाई को विकास का नाम दे रही है. वहीं, दुकानदारों के लिए यह कार्रवाई उनकी रोजी-रोटी छिन्ने वाली कार्रवाई है. दावा है कि इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा मुस्लिम समुदाय के लोग प्रभावित हो रहे हैं. गौरतलब है कि दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई से पहले PWD की तरफ से मकानों और दुकानों के मालिकों को निटिस दिया गया और उन्हें कुछ ही घंटों की मोहलत दी गई.
इस नोटिस के बाद दालमंडी के लोगों के बीच बुलडोजर कार्रवाई का डर फैल गया है. इसी डर के बीच दालमंडी के ज्यादातर मुस्लिम दुकानदारों ने अपनी दुकाने बंद करके विरोध प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की. वहीं, प्रशासन की तरफ से सख्ती दिखाते हुए VDA ने मुनादी करवाई है, जिसमें कहा गया कि अगर दुकान/मकान खाली नहीं किए गए तो बलपूर्वक उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा.
प्रशासन और दुकानदारों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और मौके पर वरिष्ठ पलिस अधिकारी भी मौजूद हैं. बता दें कि जिस सड़क की चौड़िकरण की जा रही है वह काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले रास्ते के चौड़िकरण परियोजना का हिस्सा है. इसी परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग 187 मकानों और दुकानों को ध्वस्त करना है.