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Kerala News: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कर्नाटक सरकार की कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में अवैध निर्माण के नाम पर मुस्लिम समुदाय की बहुलता वाले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर तोड़ा जा रहा है.
तिरुवनंतपुरम से शुक्रवार को पिनराई विजयन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बेंगलुरु के येलहंका इलाके के कोगिलु गांव में स्थित फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में हाल ही में हुई बुलडोज़र कार्रवाई का जिक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन इलाकों में किए गए तोड़फोड़ अभियान ने उन्हें बेहद व्यथित किया है.
पिनराई विजयन ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि यह कार्रवाई कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान हुई. उन्होंने इसे बुलडोज़र जस्टिस करार देते हुए कहा कि ऐसी कठोर कार्रवाई ने उन्हें स्तब्ध कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जो पार्टी खुद को सामाजिक न्याय और समानता की पक्षधर बताती है, वह इस तरह लोगों को जबरन उनके घरों से बेदखल करने की कार्रवाई का समर्थन कैसे कर सकती है.
मुख्यमंत्री ने आगे चेतावनी दी कि अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ राजनीतिक मकसद से की जाने वाली कार्रवाइयों का दायरा अब दक्षिण भारत तक फैलता दिख रहा है, जो बेहद चिंताजनक है. उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि लोगों को कड़ाके की ठंड के दौरान बेघर किया गया, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर होना पड़ा.
पिनराई विजयन ने प्रशासन की मूल जिम्मेदारियों पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी सरकार का कर्तव्य है कि वह गरीब और कमजोर तबकों की सुरक्षा करे, उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए और डर या बल के जरिए लोगों को उनके घरों से निकालने की किसी भी कोशिश को रोके. उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता का इस्तेमाल लोगों को उजाड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनकी रक्षा और कल्याण के लिए होना चाहिए.
दरअसल, 22 दिसंबर को कर्नाटक सरकार ने 200 से ज्यादा घरों पर बुलडोजर चलाया है, जिसकी वजह से 400 परिवार बेघर हो गए हैं. जिन इलाकों में ये बुलडोजर एक्शन हुआ है, उनमें ज्यादातर मुसलमान रहते थे. यह बड़े पैमाने पर की गई बेदखली की कार्रवाई इसी हफ्ते की शुरुआत में हुई थी, जिसके बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस और केरल की लेफ्ट फ्रंट यूनिट के बीच तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई थी. लेफ्ट फ्रंट ने कांग्रेस पर उत्तर भारत के कई राज्यों में देखे जा रहे “बुलडोज़र राज” को सामान्य बनाने का आरोप लगाया था. ये एक्शन बेंगलुरु के कोगिलु गांव की फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में हुआ था.