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Kochi News: कोच्चि पुलिस ने पत्रकार रेज़ाज एम. शीबा सिद्दीक की गिरफ्तारी के खिलाफ आयोजित एकजुटता सभा के मामले में पत्रकार सिद्धीक कप्पन समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह सभा शनिवार शाम वांची स्क्वायर, केरल हाईकोर्ट जंक्शन के पास आयोजित की गई थी.
यह कार्यक्रम मानवाधिकार संगठनों के जरिए आयोजित किया गया था, जिसमें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) और वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया. पुलिस का कहना है कि यह सभा बिना जरूरी इजाजत के आयोजित की गई, जिससे राहगीरों और वाहनों की आवाजाही में बाधा पैदा हुई.
पुलिस के मुताबिक, जब अधिकारी मौके पर पहुंचे तो ज्यादातर लोग शांतिपूर्वक चले गए, लेकिन डॉ हरी और शनीर नामक दो लोगों ने हटने से इंकार कर दिया. दोनों को हिरासत में लिया गया और बाद में स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया.
एसीपी सिबी टॉम (एर्नाकुलम सेंट्रल सब-डिविजन) ने कहा, "सभा के आयोजकों के पास लाउडस्पीकर इस्तेमाल की कोई मान्य इजाजत नहीं थी और उन्होंने बिना मंजूरी सभा कर यातायात व पैदल चलने वालों को बाधित किया. इसी वजह से कार्रवाई की गई."
एर्नाकुलम सेंट्रल थाने के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि आयोजकों को कोच्चि निगम से आयोजन की अनुमति मिली थी, लेकिन ध्वनि उपकरण के इस्तेमाल के लिए पुलिस की अनिवार्य मंजूरी नहीं ली गई.
पुलिस ने बताया कि सभा में शामिल ज्यादातर लोग मौके से चले गए, लेकिन दो व्यक्तियों ने विरोध किया, जिनमें से एक ने मौके पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर को धक्का दिया. इस वजह से उन पर ड्यूटी में बाधा डालने का केस भी दर्ज किया गया.
यह एकजुटता सभा पत्रकार रेज़ाज एम. शीबा सिद्दीक की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित की गई थी. रेज़ाज को इस महीने की शुरुआत में नागपुर (महाराष्ट्र) के एक होटल से हिरासत में लिया गया और बाद में उन पर गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
नागपुर पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई, जिनमें कथित तौर पर ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना की गई थी. अधिकारियों का दावा है कि यह गैरकानूनी और उकसाने वाली गतिविधि थी.